कैग ने हरियाणा सरकार से वित्त वर्ष 2019-20 के बजट अनुमान अनुरूप राजस्व प्राप्तियों व व्यय का ब्योरा तलब किया है। महालेखाकार लेखा परीक्षा ने यह विवरण जल्द उपलब्ध कराने के लिए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इसके बाद वित्त विभाग ने हरकत में आते हुए सभी विभागाध्यक्षों को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। कैग को हर वर्ष 31 मार्च को खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष की डिटेल स्टडी रिपोर्ट तैयार करनी होती है।
इसमें सरकार के हर विभाग की पूरी कुंडली मौजूद रहती है। कैग विस्तार से बताता है कि किस विभाग का बजट अनुमान कितना था, कितनी राशि खर्च हुई, कितनी राजस्व प्राप्तियां अनुमान के फलस्वरूप आईं, विभागों में क्या-क्या गड़बड़ियां हुईं व सरकार को राजस्व में कितना चूना लगा। सरकार को बजट अनुमान व खर्चों की रिपोर्ट हर वित्तीय वर्ष में अक्टूबर तक कैग को भेजनी होती है, लेकिन सूबे के अधिकांश सरकारी विभागों ने इसे अब तक नहीं भेजा, जिससे वित्त विभाग के लिए स्थिति असहज हो गई।
बजट खर्च व राजस्व प्राप्तियों का ब्योरा न मिलने पर आखिरकार महालेखाकार ऑडिट हरियाणा को वित्त विभाग को पत्र लिखना पड़ा। जिसका वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि बजट डिमांड व पदनाम, अनुमानित बजट कब प्राप्त हुआ, कितने दिन देरी से मिला, खर्च में देरी व राजस्व प्राप्ति समय पर न होने के कारण की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड निर्धारित प्रपत्र में तुरंत भेजें। वित्त विभाग ने इससे सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों को भी अवगत कराया है।