पंजाब के जेल एवं पर्यटन मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर ने इस्तीफा क्यों दिया, इसका कारण उन्होंने खुद बताया.. फिल्लौर ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को दिल्ली में सौंपे इस्तीफे में कहा है कि वह नैतिकता के आधार पर पद छोड़ रहे हैं।
कुछ समय पहले ड्रग तस्करी मामले में बेटे दमनवीर का नाम उछलने का जिक्र इस्तीफे में करते हुए फिल्लौर ने कहा कि उनके बेटे के शामिल होने की खबरें गलत व झूठी हैं। वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय ड्रग रैकेट में पूर्व डीएसपी जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद उसके द्वारा किए गए खुलासों ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी थी। भोला ने इस मामले में पहले राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लिया था।
फिर नशा तस्करी में एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट की जांच में फिल्लौर के बेटे दमनवीर को पेश होने के लिए कहा गया। बेटे का नाम आने के बाद फिल्लौर से सवाल शुरू हो गए।
इसके बाद लोकसभा चुनाव में नशीले पदार्थों का मुद्दा प्रमुखता से उछला। ऐसा माना जा रहा है कि शिअद के 10 में से 6 प्रत्याशियों और भाजपा के अरुण जेटली की हार की मुख्य वजह यही रही। इसकी पहली गाज अब फिल्लौर पर गिरी है।
पहले अनिल जोशी ने दिया इस्तीफा
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश के दो मंत्रियों के इस्तीफे अभी तक हो चुके हैं। पहले अनिल जोशी ने अमृतसर से भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष कमल शर्मा को दिया था। अब फिल्लौर ने अपनी पार्टी के विधायक दल के नेता प्रकाश सिंह बादल को त्याग पत्र सौंपा है।
इस्तीफे पर उठने लगे सवाल
फिल्लौर के इस्तीफे के बाद चर्चा जोर पकड़ गई है कि आखिर यह त्याग पत्र लोकसभा चुनाव के बाद ही क्यों हुआ। तब क्यों नहीं दिया गया, जब उनके बेटे का नाम मामले में उछला था।
सूत्रों के अनुसार, फिल्लौर का विधानसभा क्षेत्र करतारपुर लोकसभा क्षेत्र जालंधर का हिस्सा है। यहां से शिअद प्रत्याशी पवन कुमार टीनू को करीब 13 हजार मतों से पिछड़ना पड़ा। इससे पहले नशा तस्करी मामला तो गर्म था ही, इसलिए फिल्लौर को दिल्ली जाकर इस्तीफा देना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, नशों के मामले में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल काफी गंभीर हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और इस्तीफे हाेंगे।
मजीठिया को तुरंत हटाया जाए : बाजवा
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि जेल मंत्री फिल्लौर के इस्तीफे के बाद राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को भी बिना किसी देरी से हटाया जाना चाहिए।
यहां जारी बयान में प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने कहा कि सरवन सिंह फिल्लौर के बेटे का नाम ड्रग तस्करी से जुड़ा था, जिस केस की जांच एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट कर रहा है। ड्रग रैकेट मामले में पहला नाम राजस्व मंत्री मजीठिया का आया था इसलिए मजीठिया को तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।