Haryana News: हरियाणा में मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होगा। यादव, महिला और वैश्व समुदाय को प्रतिनिधित्व मिलेगा। मोदी, शाह व नड्डा से मिलने के बाद सीएम सैनी ने मनोहर लाल से चर्चा की है।
Haryana Politics News: पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जल्द अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन
शीर्ष नेतृत्व से स्वीकृति मिलने के बाद सैनी ने बुधवार रात पूर्व सीएम मनोहर लाल से भी चर्चा की। कयास लगाए जा रहे हैं कि आचार संहिता से पहले मंत्रिमंडल विस्तार के साथ विभागों का बंटवारा हो जाएगा। मंत्रिमंडल में पंजाबी, यादव, वैश्य और महिला वर्ग को प्रतिनिधित्व अभी नहीं मिला है।
ऐसे में पहली प्राथमिकता इन समुदाय से जुड़े विधायकों को दी जाएगी। पंजाबी समुदाय से आने वाले अनिल विज का मंत्रिमंडल में शामिल होना तय है। उन्हें पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के महकमों के साथ स्वास्थ्य विभाग सौंपा जा सकता है।
विज्ञापन
गृह विभाग किसके पास रहेगा अभी यह तय नहीं है। महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए जाट कोटे से आने वाली गन्नौर की विधायक निर्मल चौधरी को भी मंत्री बनाया जा सकता है। मनोहर सरकार में महिला मंत्री के तौर पर कमलेश ढांडा शामिल थीं।
वहीं, वैश्य समुदाय से विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का नाम सबसे आगे चल रहा है। मनोहर सरकार की दूसरी पारी में उनका मंत्री बनना तय था, मगर उनकी जगह कमल गुप्ता को मंत्री बनाया गया।
कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई को भी मंत्री पद मिल सकता है। उनके लिए कुलदीप काफी दिनों से बैटिंग कर रहे हैं। भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई का नाम हिसार लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार के तौर पर भी चल रहा है।
भव्य मंत्री बनते हैं तो कुलदीप की जगह कैप्टन अभिमन्यु को पार्टी हिसार लोकसभा से उतार सकती है। भव्य मंत्री नहीं बने तो कुलदीप की दावेदारी मजबूत होगी। वहीं, महिला कोच से छेड़खानी के आरोपी संदीप सिंह का पत्ता कटना तय है।
अहीरवाल बेल्ट को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व
मंत्रिमंडल में अहीरवाल बेल्ट को प्रतिनिधित्व मिलना तय है। ऐसे में राव इंद्रजीत के करीबी ओमप्रकाश यादव को दोबारा मंत्री बनाया जा सकता है। वह मनोहर सरकार में भी राज्य मंत्री थे। हालांकि आईपीएस से विधायक बने डॉ. अभय सिंह यादव की भी काफी चर्चा है। मगर राव इंद्रजीत अभय यादव के खिलाफ हैं। सैनी सरकार राव इंद्रजीत को नजर अंदाज नहीं करेगी। भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव का नंबर भी लग सकता है।
निर्दलीय विधायकों को भी मिलेगी जिम्मेदारी
जजपा से गठबंधन टूटने के बाद सैनी सरकार निर्दलीय विधायकों के सहारे ही बहुमत साबित कर पाई है। अब देखना होगा कि कितने निर्दलीय विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है। पृथला से विधायक नयनपाल रावत का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
विधानसभा चुनाव के लिए कांडा अहम
राज्य में सात महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसमें सिरसा से विधायक गोपाल कांडा भाजपा के लिए अहम हो सकते हैं। गोपाल कांडा का सिरसा में खासा प्रभाव है। सैनी सरकार को कांडा का भी समर्थन प्राप्त है। वह भी मंत्रिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं।