चंडीगढ़। सेक्टर-32 डी मार्केट में करीब 150 से ज्यादा दुकान और शोरूम है। मौजूदा समय दवा और खान-पान के मामलों में शहर के सबसे प्रमुख बाजारों में एक है। यहां से करोड़ों रुपये का राजस्व प्रशासन को मिलता है। उसके बावजूद यहां समस्याओं का अंबार है। सीवर, सड़क, जलभराव यहां की बड़ी समस्याएं है। शाम होते ही शराब की दुकान से लोग दारू और खाने-पीने का सामान खरीद खरीदकर सड़क पर ही पीना शुरू कर देते हैं।
कम उम्र के युवा और युवतियां शराब के नशे में हंगामा करते है। सड़क पर ही दारु की बोतल फेंक देते हैं। उसके बाद यहां आए दिन हंगामा भी होता है। ऐसे में पुलिस की गश्त बढ़ाने की जरूरत है। कई जगह गलियारों में कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ है। नगर निगम की मदद से यहां अवैध वेंडरों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में जाम लगता है और गाड़ी खड़ी करने में भी परेशानी होती है।
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प्रमुख समस्याएं
- बाजार में टाइलें टूट हुई और सड़क भी कई जगह पर खराब है
- अंधेरा होते ही शराबियों का अड्डा बन जाता है। शराब पीने के बाद लोग बोतल तक सड़क पर ही फेंक कर चले जाते हैं
- सीवर पार्किंग और जलभराव बड़ी समस्या है
- शहर के सभी बाजारों की तरह यहां पर भी चूहों ने भारी नुकसान पहुंचाया है, कई जगह जमीन खोखली कर दी है
कारोबारियों से बातचीत
शाम होते ही मार्केट के एक हिस्से में शराब पीने वालों की लाइन लग जाती है। रोज हंगामा और बवाल होता है। - पारस गोयल
सीवर की समस्या बहुत बड़ी है। सीवर चोक होने की वजह से काफी ज्यादा परेशानी रहती है। इसको लेकर कई बार शिकायत दर्ज कराई गई। - अश्वनी खन्ना
बारिश के बाद जलभराव काफी हो जाता है। पार्किग की समस्या भी काफी बड़ी है। टाइलें बहुत जगह पर टूटी है। - राजकुमार बत्रा
अवैध वेंडर की समस्या काफी ज्यादा है। लाइसेंस से कई गुना ज्यादा दुकानें यहां लग रही है। इस वजह से काफी परेशानी है। - जगदीप महाजन
पार्किंग की स्थिति काफी खराब है। निकास स्थान पर भी लोग स्कूटर खड़े कर देते हैं। इसके अलावा कई जगह सड़कें खराब हैं। - संजय भंजाल