हालांकि पंजाब पुलिस और बाॅर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) की टीम संयुक्त रूप से बॉर्डर पार से की जा रही इस तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हुई है लेकिन पाकिस्तान से नशे की तस्करी अभी जारी है। इसी साल जनवरी से 14 जुलाई तक बीएसएफ ने पंजाब के विभिन्न सीमा क्षेत्रों से करीब 137.61 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की है। ये नशीला पदार्थ पाकिस्तान से यहां पहुंचा। सीमा पार से इस नशा तस्करी में पाकिस्तान ने डीजीआई मॉविक-3 क्लासिक और डीजीआई एयर-3 ड्रोन का इस्तेमाल किया। नशा तस्करी में लगे 104 ड्रोनों को निशाना बनाया गया। नशा तस्करी में संलिप्त 66 भारतीयों और तीन पाकिस्तानी नागरिकों को भी पकड़ा गया।
इसी साल पाकिस्तान से इन ड्रोनों के जरिये अमृतसर के काकर, खासा व रोरांवाला खुर्द गांव, गुरदासपुर के ठेठेरके, फिरोजपुर के किलचे, जालोके गांव, तरनतारन के डल, हवेलियन, वान गांव, खेमकरण व राजोके गांव, फाजिल्का के चाक बजीदा गांव के खेतों में नशे पैकेट गिराए गए। अमृतसर के मोडे गांव में भी ड्रोन के जरिये 7.47 किलो के आईसीई के सात पैकेट गिराए गए थे। ये सभी गांव पाकिस्तान बॉर्डर से बिल्कुल साथ सटे हुए हैं। इन सभी पैकेटों को आयरन हुक के साथ पीले रंग की चमकीली टैप से पैक किया गया था जबकि कुछ पैकेटों पर चमकीली पाइप भी लगाई गई थी ताकि खेत में रात के समय नशा तस्कर इन्हें आसानी से ढूंढ सकें।
हेंड ग्रेनेड, विस्फोटक और हथियार भी भेजे
इस साल ड्रोनों के जरिये पाकिस्तान से सिर्फ नशा ही नहीं बल्कि हेंड ग्रेनेड, विस्फोटक और हथियार भी भेजे गए। इनमें 14 हेंड ग्रेनेड, 60 हथियार व 10 किलो विस्फोटक शामिल है। यह सामग्री भी बीएसएफ ने सीमा से सटे गांवों से पकड़ी है। सूत्र बताते हैं कि इस सामग्री का इस्तेमाल पंजाब का माहौल खराब करने के लिए किया जाना था।