फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद की भारत यात्रा में पहला पड़ाव चंडीगढ़ था। फ्रांस और भारत के कई बिजनेस आइकॉन होल ताज में हुई इंडिया फ्रांस बिजनेस समिट में शामिल हुए।
फ्रांस डेलीगेट्स ने चंडीगढ़ के साथ ही नार्थ रीजन को निवेश के लिए काफी बेहतर बताया। मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा फ्रांस का इस रीजन में निवेश का मामला उठाया गया। फ्रांस लोरिएल के चेयरमैन लोइस आरमेड ने कहा कि फ्रांस की कंपनियां इस रीजन को भी निवेश के हिसाब से संभावनाएं तलाशेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस राष्ट्रपति ओलांद के आने से पहले पैनल डिस्कशन हुआ। सीआईआई प्रेसिडेंट सुमित मजूमदार ने पैनल का संचालन किया। पैनल में फीडबैक इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड चेयरमैन विनायक चटर्जी, टाटा एडवांस सिस्टम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एंड सीईओ सुकरन सिंह और एयरबस ग्रुप इंडिया के पियरे डी बुसेट ने भी शिरकत की। विनायक चटर्जी ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में फ्रांस एक बेहतर भागीदार हो सकता है। उन्होंने कहा कि न्यूक्लीयर, इंजीनियरिंग, स्पेस और सोलर जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं ।
फीडबैक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के विनायक चटर्जी ने कहा कि फ्रांस के साथ बड़ी ही नही,ं स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के साथ भी टाईअप किया जा सकता है। उन्होंने माना कि देश में गुड्स एंड सर्विसेस सिस्टम को और बेहतर करने करने की आवश्यकता है। टाटा एडवांस सिस्टम लिमिटेड के सीईओ सुकरात सिंह ने कहा कि फ्रांस के साथ डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं।
एयरबस ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर पियरे डी बुसेट ने कहा कि फ्रांस के साथ भारत के कई प्राइवेट कंपनियां हाथ मिला रही हैं। उन्होंने बिजनेस समिट को फ्रांस और भारत के बिजनेस रिश्तों को नए दौर का आगाज बताया।
अंबानी और मित्तल जैसी बड़ी हस्तियां नहीं पहुंचीं
इंडिया-फ्रांस बिजनेस समिट में देश के नामी उद्योगपति के आने की उम्मीद थी। लिस्ट में मुकेश अंबानी से लेकर भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राजन भारती मित्तल सहित देश की 10 से अधिक कंपनियों के सीईओ के आने की उम्मीद थी। लेकिन समिट में उम्मीद के मुताबिक उद्योगपति नही पहुंचे।