पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में परिवहन विभाग को नॉन कंटेनमेंट जोन में बस सेवा बहाल करने के लिए निर्धारित संचालन विधि की रूपरेखा तैयार करने को कहा है। उन्होंने पुलिस को बिना मास्क बाहर निकलने वालों के चालान काटने का भी निर्देश दिया।
कैप्टन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये परिवहन विभाग को 31 मई के बाद शुरू होने वाली अंतरराज्यीय बस सेवा के लिए सख्ती से प्रोटोकॉल अमल में लाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा बहाल करने से पहले बसों को विषाणु मुक्त किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में अब सिर्फ दो जोन होंगे- कंटेनमेंट जोन और बफर जोन।
पंजाब में संक्रमित जोन का समय 14 दिन, नया केस आने पर इसे एक हफ्ते बढ़ाएंगे
विशेष रेलगाड़ियों और विमान द्वारा प्रवासियों, एनआरआई और अन्य राज्यों से निरंतर प्रवेश का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इनके एकांतवास के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए अपनी पहली हिदायतों को दोहराया। उन्होंने बताया कि अब तक 60,000 पंजाबियों ने राज्य में वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसी तरह 20,000 एनआरआई के वापस लौटने की उम्मीद है।
वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सतीश चंद्रा ने बताया कि अब राज्य में सिर्फ संक्रमित और गैर संक्रमित जोन ही होंगे। स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक एक गांव/वार्ड में 15 या अधिक मामलों वाले क्षेत्र या इसके साथ लगते गांवों/वार्डों के छोटे समूह को संक्रमित जोन माना जाएगा।
संक्रमित जोन (एक किलोमीटर के घेरे) के आसपास के क्षेत्र को बफर जोन माना जाएगा। इन सभी जोनों में विभाग की तरफ से प्रभावित और अधिक जोखिम वाली आबादियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए घर-घर जांच और संपर्क तलाशने का काम व्यापक स्तर पर किया जाएगा। संक्रमित जोन का समय कम से कम 14 दिन का होगा। इस समय में एक से अधिक नए केस आने पर यह समय एक हफ्ते तक बढ़ाया जाएगा।
प्रवासियों के लिए अन्य राज्य नहीं कर रहे मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब चाहे प्रति ट्रेन 7.5 लाख रुपये खर्च करके प्रवासियों समेत अन्य लोगों को उनकी इच्छा के मुताबिक गृह राज्यों में भेज रहा है परन्तु अन्य राज्य ऐसा उत्साह नहीं दिखा रहे। अन्य राज्य पंजाबियों को वापस लाने के लिए उनकी सरकार को प्रबंध करने के लिए कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से बनाए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले 11 लाख प्रवासी कामगार में से अब तक 2 लाख से ज्यादा पंजाब छोड़कर अपने राज्यों को जा चुके हैं। पंजाब में से रोज 20 ट्रेनें जा रही हैं और सोमवार को 15 उत्तर प्रदेश और 6 बिहार को रवाना हुईं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बिहार के लिए और ट्रेनें भेजने की जरूरत है ।
टेस्टिंग के मामलों संबंधी मीटिंग के दौरान बताया गया कि पंजाब में टेस्टिंग की मौजूदा 1400 की दर सरकारी मेडिकल कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में ही एक हफ्ते में बढ़कर 4650 प्रति दिन हो जाएगी। अगले 25 दिनों में चार और लैब भी टेस्टिंग के लिए तैयार हो जाएंगी, जिससे प्रति दिन 1000 टेस्ट की क्षमता का और विस्तार हो जाएगा।
यह केंद्रीय सरकारी और प्राइवेट टेस्टिंग क्षमता के अलावा होगा। अंतरराज्यीय यात्रियों की टेस्टिंग के अलावा स्वास्थ्य विभाग अब खरीद एजेंसियों, मंडी बोर्ड, खाद्य सप्लाई, शहरी स्थानीय निकाय, ग्रामीण विकास, राजस्व विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभागों के उन कर्मचारियों की टेस्टिंग की तरफ बढ़ रहा है जिनको ज्यादा आगे होकर काम करना पड़ता है।
ज्यादा संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में कृषि की कटाई और बिजाई के कामों जैसे कंबाइन ऑपरेटर, ट्रक चालक, लोडिंग, मंडियों के कामगार, आढ़ती सुपरवाइजर, होल सेल बाजारों के कामगार शामिल हैं। ट्रक चालकों, बस चालकों और परिचालकों के भी आने वाले दिनों में टेस्ट किए जाएंगे