पुलिस द्वारा दुष्कर्म और कुकर्म के मामले में कुछ दिन पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद पुलिस विभाग में हडकंप मचा गया। इसके बाद पांच मुलाजिमों को क्वारंटीन कर दिया गया है। अपने ही दोस्त के साथ कुकर्म करने के मामले में थाना हैबोवाल पुलिस ने एक गैंगस्टर को गिरफ्तार किया था।
14 मई को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसका कोरोना टेस्ट कराया था। इसकी रिपोर्ट सोमवार शाम को पॉजिटिव पाई गई है, जिसके बाद पांच मुलाजिमों को क्वारंटीन किया गया है। आरोपी को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
वहीं, थाना डिवीजन पांच की पुलिस द्वारा दुष्कर्म के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। उसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। दुष्कर्म का आरोपी चौकी बस स्टैंड पुलिस के कब्जे में है। चौकी बस स्टैंड के इंचार्ज पहले से ही अस्पताल में क्वारंटीन हैं।
बोस्टल जेल से भी छह हवालाती पॉजिटिव
सोमवार दोपहर को बोस्टल जेल से छह हवालातियों को संक्रमित होने पर अस्पताल में दाखिल करवाया गया। पांच दिन पहले ही एक कैदी के पॉजिटिव पाए जाने के बाद इनका टेस्ट करवाया गया।
महाराष्ट्र से लौटे राजपुरा के दो युवकों की रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आई। इनमें एक 24 साल का युवक राजपुरा के गांधी कालोनी का है, जबकि 30 साल का दूसरा युवक शिव कालोनी का है। दोनों युवक पिछले दिनों महाराष्ट्र से राजपुरा लौटे थे। वहीं रविवार को लिए 132 सैंपलों में से 118 सैंपलों की रिपोर्ट कोविड निगेटिव रही है। जबकि बाकी सैंपलों की रिपोर्ट मंगलवार को आएगी।
सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि पॉजिटिव पाए गए दोनों युवकों को सरकारी राजिंदरा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कराया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से इनके नजदीक के संपर्क में आए छह पारिवारिक सदस्यों की तलाश कर उनके सैंपल लिए गए हैं। बाकी अन्य संपर्क में आए व्यक्तियों की तलाश जारी है।
पॉजिटिव पाए युवकों के घरों व इनके आसपास के घरों में सोडियम हाइपोक्लोराइड का स्प्रे कराया गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को जिले के विभिन्न स्थानों से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कुल 192 सैंपल लिए हैं। साथ ही बताया कि 107 पॉजिटिव केसों में से 83 केस ठीक हो चुके हैं।
बटाला के हसनपुरा का एक व्यक्ति पॅाजिटिव मिला है। वह महाराष्ट्र से आया था। गुरदासपुर के सिविल सर्जन किशन चंद ने इसकी पुष्टि की। जानकारी के अनुसार इस मरीज में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। प्रोटोकॉल के तहत उसका टेस्ट कर क्वारंटीन किया गया था।
कपूरथला: भुलत्थ के गांव बागड़ियां निवासी की कोरोना से मौत
भुलत्थ के गांव बागड़ियां निवासी एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हो गई। उसके कोरोना पॉजीटिव होने का खुलासा उसकी मौत के बाद रिपोर्ट में हुआ है। जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय बुजुर्ग अधरंग का मरीज था और शनिवार को उसकी सेहत खराब होने के कारण उसे जालंधर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन अस्पताल ने उसे दाखिल नहीं किया और सिविल अस्पताल भेज दिया।
सिविल अस्पताल जालंधर में इलाज के दौरान उसकी शनिवार की रात को ही मौत हो गई। एहतियात के तौर उसका सैंपल लिया गया। सोमवार को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सिविल सर्जन कपूरथला डॉ. जसमीत कौर बावा ने मृतक के पॉजिटिव होनी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मृतक का मेडिकल टीम की तरफ से उसके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। एसएमओ भुलत्थ डॉ. देसराज भारती ने बताया कि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतक के परिजन और उसके संपर्क में आने वाले लोगों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कोरोना वायरस की जांच के लिए करेंगे।
होशियारपुर में जहां सोमवार को 2 और कोविड-19 के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, वहीं कोरोना वायरस से संक्रमित एक अन्य व्यक्ति की मौत होने से मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। सिविल सर्जन डॉ. जसवीर सिंह ने बताया कि टांडा ब्लॉक के जिस 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत जालंधर में हुई है, वह किडनी की बीमारी से पीड़ित था और उसका जालंधर के किडनी अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसे 16 मई को जालंधर के अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका कोविड-19 का सैंपल लिया गया। सैंपल पॉजिटिव आया और 17 मई की शाम जालंधर के अस्पताल में ही मरीज की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 1531 व्यक्तियों के नमूने लिए हैं, जिनमें से 1345 नकारात्मक थे और 64 की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। शाम को कोविड -19 नोडल अधिकारी डॉ. शैलेश ने बताया कि सोमवार को दो और पॉजिटिव मामले आए हैं। ये व्यक्ति उन 23 व्यक्तियों में से हैं जो दुबई से आए थे और कोविड केयर सेंटर रायत बहरा संस्थान में क्वारंटीन थे। इसके साथ, जिले में कोरोना मामलों की संख्या 96 हो गई है, जिनमें से 5 मौतें अब तक हुई हैं।
फरीदकोट: एकांतवास सेंटर के दो श्रद्धालु संक्रमित
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा एकांतवास सेंटरों में रुके श्रद्धालुओं और प्रवासी मजदूरों की रि-सैंपलिंग की जा रही है। इनमें से दो श्रद्धालुओं की रिपोर्ट रविवार रात पॉजिटिव आई है। इससे फरीदकोट में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 62 हो गया है। इनमें से एक्टिव केस की संख्या 18 है। सिविल सर्जन डॉ. राजिंदर कुमार ने बताया कि कोरोना के 62 पॉजिटिव मामलों में 51 श्रद्धालु शामिल है। उन्होंने कहा कि अब तक 44 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। एक्टिव केसों में से 17 का फरीदकोट के श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और एक मरीज का लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
फरीदकोट: 88 वर्षीय महिला ने कोरोना को दी मात
श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचाराधीन गांव मचाकी कलां निवासी 88 वर्षीय महिला श्रद्धालु ने कोरोना को मात दे दी है। सोमवार को निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया।
पठानकोट। कोरोना मुक्त होने के 1 दिन बाद ही पठानकोट का जयपाल टीबी रोग के चलते जिंदगी की जंग हार गया। मामून के 35 वर्षीय ऑटो ड्राइवर ने 40 दिन कोरोना से लड़ाई लड़ी और मंगलवार शाम को उसकी दूसरे फेज की रिपोर्ट निगेटिव आई और अगले ही दिन जयपाल ने अमृतसर के जीएनडीएच अस्पताल में आखिरी सांस ली। सोमवार को उसके गांव मामून में प्रशासनिक देखरेख में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, परिवार ने जयपाल की मौत को जीएनडीएच अमृतसर और पठानकोट सेहत विभाग अधिकारियों की लापरवाही बताया है।
परिवार का कहना है कि जयपाल संक्रमित नहीं था, वह टीबी का मरीज था। लेकिन प्रशासन ने उसे कोरोना संक्रमित बताया और अमृतसर में इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। बता दें, जय पाल पहले से टीबी का मरीज था और 4 महीने से किसी निजी अस्पताल में इलाज करवा रहा था। छाती में इंफेक्शन के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई तो सिविल अस्पताल लाया गया। जहां उसका सैंपल लिया और 40 दिन पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद उसे पठानकोट सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया।
लेकिन हालत बिगड़ने पर अमृतसर गुरु नानक देव अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज चला और 15 मई को उसका पहले फेज का सैंपल लिया। जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर दूसरा सैंपल लिया। उसकी रिपोर्ट भी 17 मई को निगेटिव आई। लेकिन सुबह तड़के उसकी सांस उखड़ी और वेंटिलेटर पर डालने के 6 घंटे बाद मौत हो गई। सिविल अस्पताल एसएमओ डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि जयपाल की अंतिम 2 रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अगर उसकी सेहत में सुधार हो जाता तो सोमवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिल जाती।
वहीं, देर शाम को जयपाल के पैतृक गांव मामून के श्मशान घाट पर प्रशासन की देखरेख में जयपाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमृतसर से एंबुलेंस सीधे श्मशानघाट पर पहुंची संस्कार के समय सेहत विभाग का एक डॉक्टर भी मौजूद रहा।
भाई पर जबरदस्ती लगाया कोरोना ठप्पा: जयकरण
मृतक के भाई जयकरण ने बताया कि उसका भाई टीबी का मरीज था, नाकि, कोरोना का। परिवार सहित 41 लोगों के सैंपल लिए, जो सभी निगेटिव आए। अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई होगी। लेकिन उसके भाई पर कोरोना संक्रमित का ठप्पा लगा दिया। अमृतसर में उसे सही इलाज नहीं मिला। इस कारण उसकी मौत हुई। अगर वह भाई को छुट्टी दे देते तो उसका कहीं अन्य जगह इलाज करवाते तो शायद उसकी जान बच जाती।