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पंजाब में बड़ा हादसा: सरहिंद नहर में गिरी निजी बस, आठ लोगों की मौत, 40 को बचाया, छह की तलाश

Tue, 19 Sep 2023 04:12 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)

सार

रेलिंग तोड़कर सरहिंद नहर में गिरी बस, आठ की मौत, 10 यात्री घायल हो गए। 40 को सुरक्षित निकाला गया है। छह बहे लोगों की तलाश जारी है। यात्री बोले कि ड्राइवर तेज रफ्तार में बस चला रहा था, बारिश में ब्रेक लगाने के कारण बस फिसली। ग्रामीणों ने शीशे तोड़ कर यात्रियों को बाहर निकाला।
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नहर में गिरी बस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कोटकपूरा रोड स्थित गांव वड़िंग के पास न्यू दीप कंपनी की बस पुल की रेलिंग तोड़कर सरहिंद नहर के फीडर में जा गिरी, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। दस लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। करीब चालीस यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार करीब पांच से छह लोगों के बहने की सूचना है। उनकी तलाश की जा रही है। 

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मुक्तसर से यह बस कोटकपूरा की ओर जा रही थी। करीब सवा एक बजे के आस-पास गांव वड़िंग टोल प्लाजा के पास ये हादसा हो गया। हादसे होते देख आस-पास के गांव व मौजूद लोग नहर के पास एकत्र होने शुरू हो गए और बस से शीशे तोड़ यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस व सिविल प्रशासन के अधिकारी व एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया।

हादसा भांप चालक ने लगा दी चलती बस से छलांग, फरार
सुरक्षित बाहर निकाले गए कुछ यात्री बताते हैं कि बस का चालक बहुत तेज रफ्तार से बस चला रहा था। बारिश होने के कारण सड़क भी गीली थी। बारिश में ब्रेक लगाने से बस अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई और चालक ने चलती बस से छलांग लगा दी और फरार हो गया। घटनास्थल पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, हलका विधायक जगदीप सिंह काका बराड़, डिप्टी कमिश्नर डॉ. रूही दुग, एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल भी पहुंचे और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। देर शाम तक नहर में बह गए लोगों की तलाश जारी थी।
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इनकी गई जान
मृतकों में बठिंडा निवासी परविंदर कौर, गांव कट्टियांवाली (मुक्तसर) निवासी प्रीतो कौर, गांव चक्क जानीसर (फाजिल्का) निवासी मक्खन सिंह, गांव पक्का (फरीदकोट) निवासी बलविंदर सिंह, अमनदीप कौर निवासी नवां किल्ला (फरीदकोट) की पहचान हो गई है। जिन शवों की अभी पहचान नहीं हुई है, उन्हें सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।

मंगलवार का दिन छोड़ गया मुक्तसर के माथे पर दर्दनाक दुखांत
मंगलवार का दिन मुक्तसर के माथे पर दर्दनाक दुखांत छोड़ गया है। ऐसा भयावह हादसा कि हर तरफ दिन भर इसी की चर्चा चलती रही। इस हादसे में अनेकों परिवारों की जिंदगियां उजड़ गईं। बता दें कि ऐसा ही दर्दनाक हादसा सन् 1993 में भी 19 सितंबर को हुआ था। 19 सितंबर 1993 को भी सरहंद फीडर के साथ लगती राजस्थान फीडर में भी यात्रियों से भरी बस गिर गई थी।

बताते हैं कि उस समय इस हादसे में एक ही यात्री बचा था, जो सैनिक था। जबकि अन्य यात्रियों की मौत हो गई थी। अब 2023 में फिर 19 सितंबर को राजस्थान फीडर के साथ लगती सरहंद फीडर में हुआ दर्दनाक हादसा 19 सितंबर 1993 के हादसे की यादें ताजी करवा गया।

हादसे का 19 सितंबर से संबंध सभी को हैरत में डाल रहा है।हादसे का एक कारण माना जा रहा लिंक नहरों को चौड़ा न करनाइस दर्दनाक हादसे के होने का एक कारण लिंक नहरों पर पुल को चौड़ा न करना भी माना जा रहा है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्तमान में पुल की चौड़ाई लगभग 25 फुट है। जबकि यह मार्ग फरीदकोट, मोगा, अमृतसर सहित कई बड़े शहरों को आपस में जोड़ता है। दिन भर इन लिंक नहरों से हैवी व्हीकलों का आना-जाना लगा रहता है। किसान और आस-पास के गांवों के लोग अनेकों बार पुल को चौड़ा करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं।

मगर कोई हल न हुआ। लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा वाले पैसे कमाने में लगे हुए हैं। जबकि लोगों की सुरक्षा का इनको बिल्कुल भी ध्यान नहीं है।गांव वड़िंग के पास लगे टोल प्लाजा कंपनी के अधिकारियों को पुल बनाने के लिए ग्रामीण कई बार गुहार लगा चुके हैं।

उधर, शिरोमणि अकाली दल के पूर्व महासचिव जगजीत सिंह हनी फतनवाला ने भी इस हादसे के लिए टोल प्लाजा अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में उन्होंने बुधवार को टोल प्लाजा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए टोल प्लाजा पर एकत्र होने का आह्वान किया है, ताकि टोल प्लाजा संचालकों के खिलाफ आवाज उठाई जा सके।

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