बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में तिहाड़ जेल में बंद आतंकी जगतार सिंह हवारा और परमजीत सिंह भ्यौरा को सीजेएम की अदालत में विडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जालंधर के आरटीओ चरणजीत सिंह ने बयानों में आतंकियों को फरार होने में इस्तेमाल गाड़ी के मालिक को बारे में बताया और रिकार्ड अदालत को दिखाया।
एएसआई अजायब सिंह ने अदालत में बताया कि सरहिंद में सीआईए में तैनाती के समय उन्होंने गुरविंदर सिंह को पकड़ा था। जिसने पूछताछ में बताया था कि उसने हवारा और भ्यौरा को भगाने में मदद की थी। एसडीई तेजिंदर सिंह ने बयानों में कहा कि जेल स्टाफ के कहने पर समय समय पर शिवरेज साफ करते रहते हैं।
सीएफएसएल केडाक्टर आर चंदा ने बताया ने अदालत में जमा सीएफएसएल रिपोर्ट की पुष्टि की। मामले की सुनवाई के दौरान सह आरोपी अमृतसर जेल में बंद नायारण सिंह चौरा, शेर सिंह और पटियाला जेल से सुबेब सिंह को अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो जून को तय की है।
दायर मामला 24फरवरी 2004 का है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या केमामले में पकड़े गए आतंकी जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा और जगतार सिंह तारा बुडै़ल जेल में बंद थे। जेल से फरार होने के लिए तीनों आतंकियों ने अपनी बैरक से बाहर तक सुरंग खोदकर फरार हो गया था।
उनके साथ हत्या केमामले में पकड़ा गया देवी भी फरार हो गया था। सेक्टर 34 थाना पुलिस ने आंतकियों और बुडै़ल जेल कर्मचारियों केखिलाफ मामला दर्ज किया था।
कुछ महीनों के बाद दिल्ली पुलिस ने आतंकी जगतार सिंह हवारा और परमजीत सिंह भ्यौरा को दिल्ली स्थित एक सिनेमा हाल में ब्लास्ट करने के मामले में दबोच लिया था। जबकि मामले में जगतार सिंह तारा और देवी का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी। बम बलास्ट मामले की सुनवाई केचलते दोनों आतंकी को तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया है।