दलेल सिंह का दावा है कि उसके 11 करोड़ रुपये लग चुके हैं, लेकिन वह उसे बेचना नहीं चाहते हैं। उसके खाने पर वह हर माह पचास हजार रुपये तक खर्च करते हैं, क्योंकि वह दूध, चना, गेहूं, सोयाबीन, गन्ना, गाजर, सेब आदि खाता है।
22 लाख रुपये की कीमत की घोड़ी रानी भी किसान देखने आ रहे हैं। प्रदर्शनी में सोनीपत की घोड़ी रानी भी लोगों को आकर्षित कर रही है। घोड़ी रानी के मालिक सोनीपत के रहने वाले मोनार्क भारद्वाज ने बताया कि रानी पिछले चार सालों से चैंपियन का खिताब अपने नाम कर रही है और उससे करीब दो लाख रुपये की आय साल में होती है।
गन्नौर के गुमड़ गांव के अजय पहल का विराट नाम का भैंसा सालाना 15 लाख रुपये तक की कमाई कर रहा है। गोहाना के सैनीपुरा के रहने वाले विरेंद्र सिंह का सरताज केवल चार साल में 12 लाख रुपये सालाना तक कमाई कर रहा है। गोहाना के दलबीर का पांच वर्षीय कमांडो भैंसा भी सालाना छह लाख रुपये की कमाई कर रहा है। इस तरह कमाई के मामले में सांड़ भी कम नहीं है। पानीपत के नरेंद्र सिंह का रामा सांड़ सालाना 10 लाख रुपये तक की कमाई कर रहा है। इनके अलावा भी वहां काफी पशु आए हुए हैं जो खूब कमाई करते हैं।