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बजट सेशन: पानी संशोधन प्रस्ताव खारिज, कांग्रेसी विधायक निलंबित

Fri, 11 Mar 2016 04:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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विधान सभा में कांग्रेसी विधायक का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में नदियों के पानी के मुद्दे पर वीरवार को सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। सरकार ने पानी के मुद्दे पर प्रस्ताव पेश किया, विपक्ष उसमें संशोधन चाहता था। स्पीकर ने संशोधन को खारिज कर दिया। फिर कांग्रेसी सीएम प्रकाश सिंह बादल के पहले बोलने के खिलाफ अड़ गए। सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई। आखिरकार स्पीकर ने कांग्रेस के सभी विधायकों को दिन भर के लिए  निलंबित कर दिया।
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सीएम बादल ने जैसे ही पानी के पानी के मुद्दे पर महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास करने केलिए रखा, सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस पर कुछ संशोधन दिए हैं, इन्हें शामिल किया जाए। स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल ने कहा कि संशोधन का प्रस्ताव देरी से दिया गया है, उसकी भाषा भी ठीक नहीं है, इसलिए उसे खारिज कर दिया गया। कांग्रेसियों ने कहा कि संशोधन पढ़ा जाए, उसे भी स्पीकर ने नकार दिया।

स्पीकर ने कहा कि प्रस्ताव सीएम लाए हैं, इसलिए पहले उन्हें बोलने का मौका मिलेगा। सभी पार्टियों को समय अलॉट कर दिया गया है, कांग्रेस अपनी बारी में पक्ष रखे। इस पर कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। उधर, जवाब में अकालियों ने 1982 में इंदिरा गांधी के स्वागत में लगे कैप्टन अमरिंदर के विज्ञापन की बड़ी फोटो लहराना शुरू कर दिया। 12.26 बजे पहली बार सदन की कार्यवाई एक बजे तक स्थगित की गई। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसियों ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी।
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डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि यह ऐतिहासिक प्रस्ताव है, इससे भागने वालों को पंजाब की जनता माफ नहीं करेगी। दोनों पक्षों की ओर से जबरदस्त नारेबाजी शुरू हो गई। 1.06 बजे कार्यवाही फिर 1.20 बजे तक स्थगित कर दी गई। फिर सीएम बादल ने बोलना शुरू किया कि जो प्रस्ताव से भागेगा, वह पंजाब का दुश्मन है। मुझे बोलने दो कि इस मुद्दे पर सब कुछ कांग्रेसियों ने किया है, अगर साबित न कर सका तो इस्तीफा दे दूंगा। कांग्रेस ने फिर पहले बोलने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।

स्पीकर ने कहा कि यह संवैधानिक प्रक्रिया है, प्रस्ताव लाने वाला ही पहले बोलता है। आखिर 1.25 बजे कार्यवाही फिर 1.40 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। फिर चन्नी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार के साथ है, पर प्रस्ताव में संशोधन किया जाए। सीएम को संशोधन पढ़ा दो, अगर वह कहते हैं कि गलत है तो इनकी बात सुन लेंगे, लेकिन न स्पीकर इस पर राजी हुए, न सत्तापक्ष और फिर दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई।

आखिर दो बजे संसदीय कार्यमंत्री मदन मोहन मित्तल के प्रस्ताव के बाद कांग्रेस के बलबीर सिद्धू और सुखजिंदर रंधावा को कार्यवाही में विघ्न डालने पर दिन भर केलिए बर्खास्त कर दिया गया। 2.03 बजे कार्यवाही फिर 2.20 बजे तक के लिए स्थगित हुई। स्पीकर ने अनुशासन और मर्यादा की अपील की, पर कांग्रेसियों का रुख नहीं बदला। आखिर 2.35 बजे मित्तल के प्रस्ताव के बाद विघ्न डालने के लिए कांग्रेस केसभी विधायकों को दिन भर के लिए बर्खास्त कर दिया गया। कांग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में विपक्ष की गैर-मौजूदगी में सीएम ने प्रस्ताव पेश किया।

बैंस ब्रदर्स ने भी किया वाकआउट
पानी के मुद्दे पर सीएम प्रकाश सिंह बादल ने प्रस्ताव पेश किया और अपना पक्ष रखा। उसकेबाद स्पीकर ने बोलना शुरू कर दिया। तभी आजाद विधायक सिमरजीत बैंस ने अपना पक्ष रखने की मांग की, लेकिन स्पीकर ने कहा कि उन्होंने न तो हाथ उठाया न चिट भेजी, अब वह इजाजत नहीं दे सकते। फिर बैंस और उनकेभाई बलविंदर बैंस नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
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