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Chandigarh: सीमा पर BSF अलर्ट, 33 ड्रोन को मारा और 300 से अधिक को वापस पाक भेजा, 600 किलो नशा भी पकड़ा

Wed, 03 May 2023 09:55 PM IST
ajay kumar डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला चंडीगढ़

सार

बीएसएफ ने हमेशा अच्छा काम किया है। इस साल भी इसे बनाए रखा गया है। पिछले कुछ वर्षों में बीएसएफ जवानों ने हर घुसपैठ को नाकाम किया। उन्होंने कहा कि हम हर महीने लगभग 20-25 (ड्रोन घुसपैठ) देखते हैं लेकिन इनमें से 70% को पीछे हटने के लिए मजबूर किया जाता है और बाकी को मार गिराया जाता है।
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बीएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक पीवी रामा शास्त्री। - फोटो : एएनआई
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चंडीगढ़ में सीमा सुरक्षा बल (पश्चिमी कमान) के अतिरिक्त महानिदेशक पीवी रामा शास्त्री ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 361 बार ड्रोन पाकिस्तान से भारत में घुसे। इनमें से 300 से अधिक को बीएसएफ जवानों ने फायरिंग कर वापस जाने पर मजबूर किया। वहीं 33 ड्रोनों को मार गिराने में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर 600 किलोग्राम से अधिक हेरोइन की बरामद की है। सीमा पार से नशीले पदार्थों की यह खेप ड्रोन के इस्तेमाल के बिना भी भेजी जा रही है। 

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उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने हमेशा अच्छा काम किया है। इस साल भी इसे बनाए रखा गया है। पिछले कुछ वर्षों में बीएसएफ जवानों ने हर घुसपैठ को नाकाम किया। उन्होंने कहा कि हम हर महीने लगभग 20-25 (ड्रोन घुसपैठ) देखते हैं लेकिन इनमें से 70% को पीछे हटने के लिए मजबूर किया जाता है और बाकी को मार गिराया जाता है।

उन्होंने कहा कि डिटेक्शन व जैमिंग समेत नई तकनीकों का आविष्कार किया जा रहा है और विस्तार से इस पर बात करना सही नहीं होगा। सफलता दिन प्रति दिन अधिक मिल रही है। पीवी रामा शास्त्री ने कहा कि सीमा पर बीएसएफ की रेंज 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी की गई है। इसका फायदा बीएसएफ को मिला है। सीमा पर बीएसएफ हमेशा मुस्तैद रहती है और कई मामलों में पंजाब पुलिस की भी मदद लेती है। 
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बता दें कि पंजाब, जम्मू, राजस्थान और गुजरात से लगती 2289 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई बार ड्रोनों को देखा जाता रहा है। साल 2020 में 77, 2021 में 104 और 2022 में 377 बार ड्रोन को सीमा पर देखा गया। इनमें से 75 फीसदी ड्रोन पंजाब में देखे गए। इनका इस्तेमाल नशे और हथियारों की तस्करी में किया जाता रहा है।
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