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कमरा देने से मना करने पर सिक्योरिटी गार्ड को काट डाला

Mon, 03 Aug 2015 08:56 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, अमृतसर(पंजाब)
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भवन में कमरा देने से मना करने पर वल्ला बाईपास पर स्थित संत निरंकारी भवन के गेट के बाहर तैनात संधू एंड कंपनी के दो सिक्योरिटी गार्ड पर चार लोगों ने हमला कर दिया।
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हमले में एक गार्ड की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर है। वारदात रविवार रात की है। आरोपियों ने तेजधार हथियारों से एक गार्ड के शरीर को बुरी तरह काट डाला। पुलिस ने चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

कारज सिंह (45) और उसका भाई बगीचा सिंह निवासी राम एवेन्यू समीप न्यू अमृतसर संधू सिक्योरिटी एजेंसी में पिछले चार साल से काम कर रहे थे। रविवार रात करीब 12 बजे दोनों भाई निरंकारी भवन के गेट पर ड्यूटी दे रहे थे। चार लोग आए और उनसे भवन में रात को ठहरने के लिए कमरे की मांग करने लगे।
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दोनों ने कहा कि यहां पर कमरे नहीं हैं, यहां पर केवल सत्संग हाल है। यहां से चार किलोमीटर दूर श्री हरमंदिर साहिब है, वहां आपको कमरा मिल जाएगा। इसके बाद चारों लोग वहां से चले गए। कुछ देर बाद वह वापस आए और फिर कमरा देने की जिद करने लगे। इस पर बगीचा सिंह भवन के अंदर सेवादार अनुराग शर्मा से पूछने चले गए।

इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने कारज सिंह को तेजधार हथियारों से काट डाला। बगीचा सिंह पहुंचा तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। मुख्य सेवादार को वारदात का पता लगा तो उसने शोर मचा दिया जिसके बाद हमलावर फरार हो गए।

अनुराग शर्मा ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख, डीसीपी परमपाल सिंह गांधी, डीएसपी क्राइम हरजीत सिंह, एसएचओ मोहकम्मपुरा नरिंदर कौर मल्ली, एसएचओ रामबाग अमरीक सिंह टोका सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का मुआयना किया।

पुलिस ने स्कैच टीम को बुलाकर सेवादार अनुराग के बयान पर चार स्कैच तैयार करवाए। घायल बगीचा सिंह को गुरुरामदास अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां उसकी हालत गंभीर है।

संधू एंड कंपनी ने मृतक के परिजनों को एक लाख का सहायता राशि का चेक दिया है। वहीं घायल के इलाज का पूरा खर्च कंपनी की तरफ से उठाया जाएगा।

वहीं मामले की सूचना दिल्ली में बाबा हरदेव के पास पहुंची तो उन्होंने वहां पर मीटिंग बुलाई, जिसमें सभी उच्च स्तर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सोमवार शाम पांच बजे दिल्ली दरबार से अमृतसर के संयोजक सुखदेव सिंह को फोन करके बताया गया कि मृतक के परिजनों को तीन लाख रुपये की अर्थिक मदद की जाएगी।

केस की जांच के लिए डीएसपी हरजीत सिंह और थाना रामबाग के एसएचओ अमरीक सिंह को नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारियों ने सोमवार को वल्ला, रसूलपुर कल्लर क्षेत्र से पुराने केस में सजा काट चुके आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
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