लोगों को संबोधित करते हुए राज रतन आंबेडकर।
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पंजाब के लुधियाना में शाहीन बाग के तर्ज पर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। 16वें दिन संविधान निर्माता बाबा साहिब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पड़पोते राज रतन आंबेडकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर की बात लोकसभा में कर सीधा संविधान पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि देश में 80 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिनके पास अपने बाप-दादाओं का कोई भी प्रमाण पत्र तक नहीं है।
रतन आंबेडकर ने कहा कि आज लुधियाना पहुंचने पर जब मालूम हुआ कि यहां भी शाहीन बाग आंदोलन चल रहा है तो मैं आपसे मिलने आ गया। उन्होंने कहा देशभर का अनुसूचित जाति वर्ग संविधान को बचाने के लिए शाहीन बाग आंदोलन के साथ खड़ा है। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने राज रतन आंबेडकर का स्वागत करते हुए कहा कि उनके परदादा के साथ मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी के स्वतंत्रता संग्राम में करीबी संबंध रहे हैं।
नायब शाही इमाम ने कहा कि जो शरारती तत्व यह समझते हैं कि वह देश की जनता को या अल्पसंख्यकों को डराएंगे तो यह उनकी बहुत बड़ी भूल है। इस दौरान विश्वकर्मा कालोनी जमालपुर, शक्ति नगर, न्यू शक्ति नगर, गुरु गोबिंद सिंह नगर से मोहम्मद रब्बानी, मुहम्मद सईद उल, इमामुद्दीन, हाजी नौशाद, मोहम्मद कमरूदीन, हाजी तहसीन, मोहम्मद याकूब, मोहम्मद अहसान, मोहम्मद अजीजुल, मोहम्मद याद अली, मुहम्मद रिजवान की अध्यक्षता में महिलाओं के काफिले 'शाहीन बाग' लुधियाना पहुंचे।
संघर्ष में सिख समुदाय साथ: ज्ञानी केवल सिंह
श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह भी लुधियाना के शाहीन बाग पहुंचे। ज्ञानी केवल सिंह ने कहा कि संविधान को बचाने के लिए किए जा रहे इस संघर्ष में सारा सिख समुदाय आपके साथ हैं। उन्होंने कहा कि जो भी लोग दिल्ली में आतंक फैला रहे हैं, यह वही लोग हैं जिन्होंने 1984 में सिखों का कत्लेआम किया था, इन पर नकेल डालना जरूरी है। शाही इमाम पंजाब के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी ने ज्ञानी केवल सिंह का आभार जताया।