चंडीगढ़। प्रशासन ने नई आबकारी नीति-2026-27 का ड्राफ्ट बनाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में डीसी कम एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को आबकारी विभाग के अधिकारियों, बॉटलिंग प्लांट मालिकों और शराब कारोबारियों के साथ बैठक की। बैठक में बॉटलिंग प्लांट मालिकों ने ईडीपी का कोटा बढ़ाने की मांग की है। इसी के साथ चंडीगढ़ में लगातार घटती बीयर की सेल का मुद्दा भी उठा। इसके अलावा सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर शराब की प्रमोशन करने वाले ठेकेदारों पर एक्शन लेने का भी फैसला हुआ। बैठक में एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर प्रद्युमन सिंह और असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर प्रदीप रावल भी मौजूद रहे।
शराब कारोबारियों ने डीसी को कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय पदार्थों विशेषकर बीयर की सेल को बढ़ाने को लेकर सुझाव दिए। प्रशासन से हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में लागू की गई व्यवस्थाओं के अनुरूप बीयर की बिक्री के लिए कम लागत वाले लाइसेंस उपलब्ध कराने पर विचार करने के लिए कहा गया। डीसी ने स्टेक होल्डरों से 31 दिसंबर तक विभाग को लिखित रूप में सुझाव भेजने के लिए भी आग्रह किया। ये सुझएव नई आबकारी नीति में शामिल किए जाएंगे।
एक हफ्ते में लेबल मंजूर करने के दिए निर्देश
कारोबारियों ने बैठक में कई समस्याएं भी रखीं। इस पर डीसी कम एक्साइज कमिश्नर ने विभाग को आदेश दिए कि एक हफ्ते के अंदर लेबल की मंजूरी दी जाए। विभाग के पास न्यू लाइसेंस को लेकर जो फाइल पेंडिंग पड़ी है उन्हें भी क्लीयर किया जाए।
बैठक में स्टेक होल्डरों ने यह मुद्दे उठाए
-हितधारकों ने सरकारी भूमि पर किराए के आधार पर अस्थायी शेडों को शराब के ठेकों के रूप में उपयोग की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा ताकि विक्रेता अधिक सुव्यवस्थित ढंग से संचालन कर सकें तथा प्रशासन के लिए अतिरिक्त राजस्व सृजित हो सके।
-प्रोडक्ट लेबल की फाइलें जल्द मंजूर किए जाने और न्यू एक्साइज लाइसेंस की प्रक्रिया सरल करने का सुझाव दिया।
-सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर शराब की प्रमोशन करने और शराब कीमतों छूट को लेकर वीडियो रील्स बनाने पर अब नई एक्साइज पॉलिसी में विशेष प्रावधान किया जाएगा।