स्मार्ट सिटी के एक अफसर ने बताया कि बोतलों को तोड़कर प्लास्टिक को रि-साइकिल किया जाएगा। उनका कहना है कि अभी देश के कुछ रेलवे स्टेशनों पर बोतल क्रशर मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों में यात्री इस्तेमाल के बाद फेंकी जाने वाली बोतलों को डाल दिया जाता है। उनका कहना है कि इस साल के अंत तक पूरे शहर में मशीनें लगवा दी जाएंगी।
बता दें कि शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में पानी और जूस की बोतलों की खपत होती हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने यहां बोतल क्रशर मशीनें लगवाने का फैसला लिया है। प्रशासन स्मार्ट सिटी के तहत यह मशीनें खुद ही खरीदेगा। कंपनियों से अनुबंध के मुताबिक, प्लास्टिक को डिस्पोज करने के साथ ही मशीनों को लगाने और रखरखाव करने की जिम्मेदारी भी कंपनी की ही होगी।
कंपनी को इसके एवज में मशीन के तीन तरफ विज्ञापन लगाने की अनुमति मिलेगी। इसके तहत कंपनी मशीन के तीन तरफ विज्ञापन लगवा सकती है। कंपनी मशीन पर टीवी साइज की एलईडी भी लगवा सकती है। विज्ञापन कैसा और किस कैटेगरी का होगा, इसकी पूरी जानकारी स्मार्ट सिटी को संबंधिक कंपनी को देगी होगी। स्मार्ट सिटी से अनुमति मिलने के बाद कंपनी विज्ञापन लगा सकती है।
मशीन में हर एक बोतल को डालने पर कूपन मिलेगा। सिटी में अभी दस मशीनें लगवाने के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। -एनपी शर्मा, जनरल मैनेजर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट