भूपेंद्र हुड्डा और रणदीप सुरजेवाला
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लोकसभा चुनावों को लेकर हरियाणा में कांग्रेस प्रत्याशियों को लेकर पेच फंस गया है। स्क्रीनिंग कमेटी के पास दस सीटों के लिए दो से चार प्रत्याशियों के पैनल पहुंच चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के दोनों धड़े बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाने पर अड़े हैं।
अभी तक कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी तीनों ही लोकसभा चुनावों से किनारा करते रहे हैं। किरण चौधरी की बेटी भिवानी से सांसद रही है और इस बार भी दावेदार है। दूसरा, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने भी चुनाव लड़ने को लेकर स्थिति साफ नहीं की। रविवार को दिल्ली में हुई बैठक में यह मुद्दा आया कि कांग्रेस के पुराने और मजबूत चेहरों को चुनावी मैदान में उतरना होगा। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया भी दोनों धड़ों पर नजरें बनाए हुए हैं।
दोनों धड़ों की कोशिश है कि सामने वाले नेताओं को लोकसभा चुनावों में उतारा जाए, इसलिए वे एक दूसरे के नेताओं के नाम आगे बढ़ा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए फिलहाल प्रत्याशियों की सूची को रोक लिया गया है। बाबरिया ने दोनों धड़ों की रिपोर्ट हाईकमान के पास भेज दी है। साथ ही ये भी कहा कि दोनों धड़ों के बड़े नेताओं को लोकसभा चुनाव लड़ना चाहिए। ऐसे में संभावना है कि सभी बड़े चेहरों पर ही कांग्रेस दांव खेले। सभी नेताओं को अपने अपने क्षेत्र से ही मैदान में उतारने की तैयारी है।
कई भाजपा नेता कांग्रेस के संपर्क में
हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में आने के बाद पार्टी के नेता उत्साहित हैं। कांग्रेस प्रभारी बाबरिया का दावा है कि भाजपा के कई नेता उनके संपर्क में हैं और वह कांग्रेस ज्वाइन करना चाहते हैं, इसलिए कांग्रेस भाजपा प्रत्याशियों की सूची का इंतजार कर रही है। ये तय है कि भाजपा कई सीटों पर मौजूदा सांसदों की टिकटें काट रही है, ऐसे में नाराज सांसदों को कांग्रेस अपना प्रत्याशी बना सकती है।