4 चीन निर्मित पिस्तौल, 8 मैगजीन और कारतूस बरामद
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पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भारत में नापाक हरकत को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। वहीं सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान लगातार नाकाम कर रहे हैं। इस कड़ी में जवानों को मंगलवार को देर रात सफलता हाथ लगी और सर्च के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए। हालांकि जवानों ने ड्रोन पर फायरिंग कर उसे खदेड़ दिया। इसमें खतरे की आहट यह है कि पाकिस्तानी ड्रोन सीमा पार से ऊंची उड़ान भर भारतीय सीमा में करीब आठ किलोमीटर तक अंदर आ गया। इस दूरी के बीच ड्रोन ने कितने स्थानों पर हथियार गिराए, यह कहा नहीं जा सकता। ड्रोन का सीमा पर तैनात जवानों को चकमा देकर इतने अंदर तक आ जाना बताता है कि एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी का पूरी तरह लागू करना कितना जरूरी है।
गौर रहे कि गांव उच्चा थकाला में बीओपी ठाकुरपुर में बीआर अंबेडकर ग्राउंड में विशेष तौर पर घात लगाकर बैठे बीएसएफ के जवानों को देर रात करीब 11 बज कर 50 मिनट पर ड्रोन की आवाज सुनाई दी। जिसके चलते जवानों ने ड्रोन पर कुल 12 राउंड फायरिंग की। फायरिंग के बाद ड्रोन के लौटते वक्त जवानों ने जोर से कुछ गिरने की आवाज सुनी। इसके बाद सभी एजेंसियों को तत्काल सूचित करने के बाद वहां तलाशी अभियान छेड़ा गया। इस दौरान कुल चार पिस्तौल, आठ मैगजीन और 47 जिंदा कारतूस मिले।
बीएसएफ के डीआईजी प्रभाकर जोशी ने बताया कि रिकवरी के दौरान यह जखीरा लकड़ी के बक्से में पैक था। पिस्तौल पर चीनी की नोरिंको कंपनी का चिह्न है। आठ किलोमीटर अंदर ड्रोन आने के बारे में डीआईजी ने कहा कि कई बार ड्रोन बेहद ऊंचाई में उड़ता है, जिसकी आवाज तक सीमा पर तैनात जवानों को सुनाई नहीं देती। इस कारण बीएसएफ पुलिस की मदद से विशेष नाके लगाए जाते हैं, ताकि किसी प्रकार की चूक न हो।
वहीं उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बैठे तस्कर व आतंकी संगठन काफी आधुनिक तकनीक अपना रहे हैं, जिसका तोड़ भारत की ओर से निकाला जा रहा है और सफल परीक्षण किया जा रहा है। टीमों की तरफ से सर्च अभियान चलाया जा रहा है।