वाड्रा डीएलएफ डील को उजागार करने के बाद सुर्खियों में आए हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका एक बार फिर से सुर्खियों में आने की तैयारी में है। पांच मार्च को खेमका पर लिखी गई पुस्तक 'जस्ट ट्रांसफर्ड' आने वाली है। इस पुस्तक के आने के बाद हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी और राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है, क्योंकि खेमका के स्वभाव और उनके खुलासों से हर कोई वाकिफ है। बाकी का खुलासा किताब के आने के बाद होगा।
पुस्तक का प्रकाशन करने वाली कंपनी ने गार्डियन अखबार में प्रेस रिलीज जारी कर इस बात की जानकारी दी है। इसके अलावा नाइजीरिया, इंडोनेशिया और ग्रीस सहित अन्य देशों में भी बड़े अखबारों में यह प्रेस रिलीज प्रकाशित हो चुकी है। दिल्ली के प्रकाशक हार्पर कोलिन्स ने किताब का बड़े पैमाने पर प्रचार किया है।
करीब डेढ़ साल से दिल्ली के दो लेखक अशोक खेमका से मुलाकात कर रहे थे, जिसमें उन्होंने रिसर्च करने के बाद यह किताब प्रकाशित की है। एक ही सवाल को बार-बार पूछा गया है। जिसमें उनसे पूछा गया है कि मै क्यों हूं जैसा हूं। खेमका का पारिवारिक बैकग्राउंड भी खंगाला गया है। एक तरह से यह पूरा साइको एनालिसिस है। जिसमें काफी कुछ देखने को मिलेगा।
मालूम हो खेमका के 27 साल की नौकरी में 50 से अधिक तबादले हो चुके हैं। वाड्रा डीएलएफ डील के खुलासे के बाद ही पिछले लोकसभा चुनाव में यह बड़ा सियासी मुददा बन गया था। काफी हद तक भ्रष्टाचार पर प्रहार करने वाले खेमका वर्तमान सरकार में भी हाशिये पर हैं।