30 जून 1999 को सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट आफिस की पार्किंग में हुए बम ब्लास्ट के आरोपी और बबर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी रतनदीप सिंह को जिला अदालत ने बरी कर दिया।
इसी साल 8 जनवरी को रतनदीप सिंह के खिलाफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने विस्फोटक एक्ट 3, 4 व 5 और हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उसके खिलाफ पंजाब में 12 और चंडीगढ़ में एक केस दर्ज था। फिलहाल नाभा जेल में बंद रतनदीप इससे पहले 10 केसों में बरी हो चुका है।
बचाव पक्ष के वकील बलबीर सिंह सेवक ने बताया कि रतनदीप के खिलाफ पुलिस के पास सपोर्टिंग एविडेंस (अनुपूरक प्रमाण) नहीं थे। मामले में सजा पा चुके गुरबख्श सिंह और शेर सिंह की डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के आधार पर रतनदीप के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पुलिस अदालत में कोई भी सबूत पेश नहीं कर सकी, जिस आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उसे सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। नेपाल बार्डर से पकड़ा था।
इससे पहले कई आपराधिक मामलों में वांछित रतनदीप बम ब्लास्ट केस में 10 वर्ष से भगोड़ा था। दो साल पहले 18 सितंबर 2014 को पंजाब पुलिस ने उसे नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया था।