नए सिंगर रातोंरात स्टार बनने की कोशिश करते हैं इसलिए लंबे नहीं चल पाते हैं। बिना मेहनत और बिना किसी गुरु से काम सीखे जो कलाकार फटाफट सबकुछ चाहते हैं वे कामयाब नहीं हो पाते। एक सफल गायक बनने के लिए मेहनत, धैर्य, अनुभव और काबिलियत की जरूरत होती है। यह बात चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे पंजाबी और बॉलीवुड गायक मीका सिंह ने कही।
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक निजी होटल में पहुंचे मीका सिंह ने कहा कि जब उन्होंने गाना शुरू किया था तो दलेर मेंहदी और हंसराज हंस जैसे गायकों से पहले गायकी की बारीकियां सीखी थीं। मीका ने कहा कि एक कलाकार घर बैठकर भी अपनी प्रतिभा को कैसे निखार सकता है, यह कोरोना काल में देखने को मिला।
एक हिट गाना देने वाला ढाई घंटे का लाइव शो नहीं कर सकता
मीका सिंह ने कहा कि मैंने 75 रुपये के मेहनताने से काम करना शुरू किया था। जब मेरा पहला गाना आया तो मुझे एक हजार रुपये मिले थे। आज के युवाओं में धैर्य कम होता जा रहा है। अब युवा का एक गाना हिट हो जाता है तो वह खुद को कामयाब गायक समझने लग जाता है लेकिन एक हिट देकर वह स्टेज पर ढाई घंटे की लाइव प्रस्तुति नहीं दे सकता।
अपराध बढ़ाने वाले गानों पर रोक लगाना सही
मीका ने कहा कि नशा और अपराध को बढ़ाने वाले गानों को वह उचित नहीं समझते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ऐसे गानों पर रोक लगाने के लिए मुहिम चलाने के फैसले को वह उचित मानते हैं। उन्होंने बताया कि भगवंत सिंह के साथ उन्होंने कई स्टेज शो किए हैं। वह एक बेहतर कलाकार के साथ अच्छे इंसान भी हैं।