हिसार में हुए फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और एमएलआर बनाने के मामले में हरियाणा सरकार ने दो आरोपी डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया है।
बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में डॉ. भूप सिंह और डॉ. जगतार जांगड़ा शामिल हैं। शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव एससी चौधरी ने जानकारी दी कि क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार के बयान को रिकॉर्ड में ले लिया।
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए कि तय अवधि में मामले की जांच पूरी कर इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाए।
हिसार में 2010 में डॉक्टरों की गैरकानूनी प्रेक्टिस का मामला सामने आया था। हिसार निवासी हरदीप सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले की सीबीआई जांच के निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
याचिका में कहा गया कि डॉक्टर ऐसा करके हिसार के लोगों से भारी भरकम उगाही कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
इस मामले में हरियाणा पुलिस ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि मामले की 20/7/2012 को एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद यह मामला 10/6/2013 को क्राइम ब्रांच के सुर्पुद कर दिया गया।
मामला अभी हिसार की लोअर कोर्ट में चल रहा है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस मामले में जवाब देने में हो रही देरी पर मुख्य सचिव को हाईकोर्ट तलब किया था।