शहीद के परिजनों ने बताया कि उनकी अपने बेटे से दो-तीन दिन पहले ही बात हुई थी। शहीद को जल्द ही घर लौटना था, पर होनी को कुछ और ही मंजूर था। वहीं, 34 आरआर के कैप्टन आशुतोष वर्मा ने फोन पर बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान करंट लगने से जयपाल शहीद हुए हैं। सेना को अपने वीर की शहादत पर गर्व है।
जम्मू कश्मीर के शोपियां में सर्च ऑपरेशन के दौरान करंट लगने से शहीद हुए गांव हंसेवाला निवासी 30 वर्षीय जवान जयपाल गिल का पार्थिव शरीर मंगलवार तड़के गांव पहुंच गया। शहीद को सलामी देने हजारों लोग पहुंचे। गांव की शमशान भूमि में राजकीय सम्मान के साथ जयपाल गिल को अंतिम विदाई दी गई।
विज्ञापन
अंतिम संस्कार में एसडीएम चिनार चहल, तहसीलदार रमेश कुमार सहित सेना के अधिकारी शामिल हुए। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार रात को ही चंडीगढ़ लाया गया था। उसके बाद मंगलवार सुबह गांव लाया गया। शहीद की पत्नी ने सैल्यूट देकर कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है और वे अपने बेटे को भी बड़ा होने पर आर्मी में भर्ती करवाएंगी। बीते शुक्रवार को ही वीडियो कॉलिंग पर पति से बात हुई थी। उन्होंने नवंबर में घर आने की बात कही थी ।
मां बोलीं-बेटे की शहादत पर गर्व, नाम रोशन किया
वहीं, जयपाल गिल की मां ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। बेटे ने नाम रोशन किया। मेरे जैसी अन्य महिलाओं के भी ऐसे सुल्तान पैदा हों, जो देश की सेवा में लगें। जब पोता जवान हो जाएगा तो उसे भी आर्मी में भेजेंगे। उन्होंने अन्य महिलाओं को संदेश दिया कि बच्चों को खूब पढ़ा-लिखाकर देश सेवा में लगाएं। अंतिम बार जब दो-तीन दिन पहले बेटे से बात हुई तो उसने अपनी वर्दी, जूते, टाई आदि दिखाए और फिर अपनी पत्नी से बात करते हुए कहा कि वह बाद में बात करेगा, अभी ड्यूटी कर रहा है। इसके बाद दोबारा बात नहीं हो पाई।
विज्ञापन
हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला भी शहीद को नमन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र का वीर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ, इस पर गर्व है। शहीद के परिजन को नौकरी देने के सवाल पर बराला ने कहा कि सरकार की नीतियों के अनुसार परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। वहीं, 34 आरआर के कैप्टन आशुतोष वर्मा ने फोन पर बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान 11 हजार वॉल्ट के बिजली के तार से करंट लगने से जयपाल शहीद हुए है। सेना को अपने वीर की शहादत पर गर्व है।