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गुड न्यूज, नहीं टूटेंगे सिटी ब्यूटीफुल के गोलचक्कर

Wed, 18 Jun 2014 02:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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विश्व भर में चंडीगढ़ की पहचान बनने वाले शहर के राउंड अबाउट्स (गोल चक्कर) को नहीं तोड़ा जाएगा। चंडीगढ़ के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर गठित बोर्ड ऑफ इंक्वायरी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि शहर के गोलचक्करों को न तोड़ा जाए।
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यूटी प्रशासन ने भी बोर्ड की ओर से गोलचक्करों को न तोड़ने को लेकर की गई सिफारिश का समर्थन किया है। हरियाणा के पूर्व चीफ आर्किटेक्ट अश्वनी कुमार सभरवाल ने बोर्ड के समक्ष पेस होकर गोलचक्करों को न तोड़ने को कहा था और जो गोलचक्कर तोड़े जा चुके हैं उन्हें दोबारा से बनाने के लिए कहा। प्रशासक की सलाहकार समिति की वीरवार को होने वाली बैठक में बोर्ड की रिपोर्ट पर विचार होगा।

चंडीगढ़ के ड्राफ्ट मास्टर प्लान में यह स्पष्ट किया गया था कि शहर में जिस रफ्तार से ट्रैफिक बढ़ रहा है उस हिसाब से यहां भविष्य में राउंड अबाउट्स सफल नहीं हो सकते हैं। ऐसे में अगर राउंड अबाउट्स को तोड़ने से बचाना है तो उसके लिए शहर के लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना होगा। इससे सड़क पर प्राइवेट गाड़ियां कम हो जाएंगी। बोर्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने की सिफारिश की है।
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चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की ओर से कुछ माह पहले यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग को प्रस्ताव भेजकर शहर के पांच राउंड अबाउट्स को तोड़ने की सिफारिश की थी। ट्रैफिक पुलिस ने काफी विचार विमर्श कर प्रशासन को ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए पांच राउंड अबाउट्स को तोड़कर ट्रैफिक लाइटें लगाने का प्रस्ताव दिया था।

इनमें पिकाडली चौक, किसान भवन चौक, सेक्टर-36-37-23-24 (बत्रा चौक), सेक्टर-20-18 (पुराना लेबर चौक) और पॉलट्री फार्म चौक शामिल थे। लेकिन, अब बोर्ड की सिफारिश पर प्रशासन की मुहर के बाद यह तय हो गया है कि यह गोलचक्कर नहीं तोड़े जाएंगे।

चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने प्रशासन को भेजे गए प्रस्ताव में स्पष्ट किया था कि अगर राउंड अबाउट्स को तोड़कर ट्रैफिक लाइटें लग जाती हैं तो वाहन चालकों को ज्यादा जगह मिल जाएगी, जिससे प्रति मिनट ट्रैफिक की ज्यादा मूवमेंट हो सकेगी। अभी शहर के कई राउंड अबाउट्स पर ट्रैफिक लाइटें लगी हैं, लेकिन इससे भी ट्रैफिक का बोझ कम नहीं हो पाया है क्योंकि राउंड अबाउट पर चालकों को खड़े होने के लिए ज्यादा जगह नहीं मिल पाती है।
 
पहले टूट चुके हैं दो गोल चक्कर
चंडीगढ़ में कई साल पहले दो राउंड अबाउट्स को तोड़कर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थीं। सेक्टर-17-18-9-8 राउंड अबाउट (प्रेस चौक) के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट चौक पर भी गोल चक्कर को तोड़ा गया था। यहां राउंड अबाउट्स को तोड़ने का शहर के लोगों ने जबरदस्त विरोध किया था।
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