मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय विभाग के सचिव द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द करने से इन्कार कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने उन्हें आंशिक राहत देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। इसके बाद याचिका वापस लेने की छूट देते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
मोहाली नगर निगम के कुछ पूर्व और मौजूदा पार्षदों ने 11 अगस्त को अमरजीत सिद्धू के खिलाफ स्थानीय निकाय विभाग के सचिव को शिकायत दी थी। शिकायत में मेयर पर पद के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। आरोप के अनुसार उन्होंने मेयर के पद पर रहते अपनी ही लेबर सोसायटी अमृतप्रीत को-ऑपरेटिव एल/सी सोसायटी लिमिटेड जिसके वह सदस्य हैं, को करोड़ों के कार्य अलॉट किए हैं। ऐसा करना सीधे तौर पर सरकारी पद का दुरुपयोग है।
इसी शिकायत के बाद स्थानीय निकाय विभाग के सचिव ने मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू को नोटिस जारी कर इन आरोपों पर जवाब मांगा था। इसी कारण बताओ नोटिस को मेयर ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने मेयर को आंशिक राहत देते हुए कारण बताओ नोटिस की अवधि को 15 दिन बढ़ा दिया है। अब उन्हें 15 अक्तूबर तक इस नोटिस का जवाब देना होगा।