चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूआईईटी और पीजीआई के प्रोफेसरों की टीम ने दृष्टिहीन (दिव्यांग) छात्रों के लिए ओरल हेल्थकेयर एजुकेशनल डिवाइस के लिए पेटेंट प्रदान किया है। यह उपकरण दिव्यांग छात्रों को स्पर्श संवदेन के जरिए विभिन्न भाषाओं में बोलकर दांत की स्थिति के बारे में जानकारी देगा। इससे दिव्यांग छात्रों की ओरल हेल्थ शिक्षा में काफी मदद मिलेगी। अब तक ओरल हेल्थ शिक्षा में दृष्टि से दिव्यांग छात्रों को प्रेक्टिकल जानकारी देना बहुत मुश्किल था।
ओरल हेल्थकेयर एजुकेशनल डिवाइस को बनाने की टीम में यूआईईटी के प्रो. नवीन अग्रवाल, प्रो. मनोज कुमार, परमिंदर सिंह, पीजीआई के डॉ. मनोज कुमार जायसवाल और प्रो. आशिमा गोयल शामिल हैं। प्रो. नवीन ने बताया कि टीम पिछले एक साल इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी। इस प्रोजेक्ट के लिए पीयू के डिजाइन इनोवेशन सेंटर की ओर से फंड मुहैया करवाया गया था। अभी तक चिकित्सकों के लिए दृष्टिहीन छात्रों को पढ़ाना बहुत मुश्किल था क्योंकि वे सामान्य हाथ से छूकर विभिन्न दंत रोगों की कल्पना नहीं कर सकते थे। डिवाइस के बड़े स्तर पर उपयोग के लिए टीम टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर के लिए निजी निवेश की तलाश कर रही है।