वहीं प्रतिमा पर कालिख पोतने के बाद गुरदीप गोशा और मीत पाल दुगरी का कहना है कि 1984 के दौरान दिल्ली में हुए दंगों के दोषी सज्जन कुमार को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुना दी है। इससे साफ है कि इन दंगों के पीछे राजीव गांधी सूत्रधार थे। राजीव गांधी की कमान में सज्जन कुमार ने निर्दोष सिखों का कत्ल किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े करते कहा कि राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न सहित अन्य अवॉर्ड वापस होने चाहिए। वह इसका विरोध करते रहेंगे, चाहे कानून उन्हें कोई भी सजा दे।
पंजाब की शांति भंग करने के लिए जो काम पाकिस्तान की आईएसआई एजेंसी करती है, वो काम अकाली दल ने शुरू कर दिया। अकाली दल बेअदबी मामलों से बचने से लिए ऐसी हरकतों पर उतर आए हैं। इस मामले पर सुखबीर बादल को जनतक तौर पर माफी मांगनी होगी और कालिख पोतने वाले नेताओं को पार्टी से बाहर करना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते है तो साफ है कि यह सब सुखबीर बादल के इशारे पर हुआ है। जिन छुटभैया अकाली नेताओं ने यह हरकत की है, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। - रवनीत बिट्टू, सांसद
राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोतने वाले दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 153ए, 68 आईटी एक्ट, सेक्शन 3 पंजाब प्रॉपर्टी डिफेसमेंट एक्ट 1997 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसमें एक आरोपी गोशा को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश पुलिस कर रही है। - सुखचैन सिंह गिल, पुलिस कमिश्नर
दूध से मूर्ति को साफ करते कांग्रेसी नेता
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बुत पर कालिख पोतने का जहां सभी कांग्रेसी विरोध जता रहे हैं, वहीं पूर्व भाजपा विधायक मनोरंजन कालिया ने भी इसकी सख्त निंदा की है। सेंट्रल से विधायक रहे मनोरंजन कालिया ने कहा कि 1984 का सिख कत्लेआम एक निंदनीय घटना थी, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री के बुत पर कालिख पोतना भी गलत बात है। वह इसकी निंदा करते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए था। जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के उप-चेयरमैन नासिर सलमानी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बुत पर कालिख पोतना अकाली दल की छोटी मानसिकता को दर्शाता है।