लुधियाना रेलवे स्टेशन पर आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी का पर्दाफाश हुआ है। सीआईबी फिरोजपुर की टीम ने आरएमएस गेट के पास दबिश देकर दो रेलवे कर्मियों सहित एक दुकानदार को तत्काल टिकटों की सौदेबाजी करते रंगे हाथों पकड़ा है। रेलवे कर्मियों की पहचान प्रकाश यादव (48) और मुकेश कुमार (31) निवासी रेलवे कालोनी लुधियाना और दुकानदार की पहचान जसपाल सिंह निवासी माया नगर सिविल लाइन के रूप में हुई है।
दुकानदार की रेलवे कर्मियों के साथ सेटिंग थी। वे उसे तत्काल टिकट लाकर देते थे। तत्काल टिकट खरीदने के लिए दिन चढ़ते ही वे रिजर्वेशन केंद्र पहुंच जाते थे और यात्री को किसी सीनियर अफसर का रिश्तेदार बताकर तत्काल टिकट बुक करवा लेते थे। हर बार किसी सीनियर अफसर का नाम लेकर रोजाना एक-एक तत्काल टिकट बुक करवाते थे और फिर दुकानदार को थमा देते थे, जो यात्रियों से प्रति टिकट पर 500 रुपये अधिक वसूलता था।
सीआईबी ने आरोपियों से रिजर्वेशन काउंटर की 5940 रुपये कीमत की एक तत्काल टिकट, यात्री टिकट सुविधा केंद्र (वाईटीएसके) काउंटर से खरीदी 2410 रुपये कीमत की एक आरक्षित टिकट और 2405 रुपये की दो रिजर्वेशन काउंटर टिकट की फोटोकॉपी बरामद की। पूछताछ दौरान आरोपियों ने स्थानीय अधिकारियों से मिलीभुगत की बात भी कबूली, लेकिन इस मामले में किसी भी रेल अधिकारी को नामजद नहीं किया गया है।
उत्तर रेलवे की सख्ती के बावजूद टिकटों की कालाबाजारी जारी
उत्तर रेलवे ने होली के दिनों में आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की शुरुआत की है। मगर इसके बावजूद शहर में अनाधिकृत ढंग से टिकट बुकिंग का कारोबार हो रहा है। लुधियाना में ढंडारी, शेरपुर, ग्यासपुरा, ढोलेवाल, चीमा चौक, विजय नगर, ताजपुर रोड, ईडब्ल्यूएस कालोनी, जोधेवाल बस्ती, जालंधर बाइपास, काकोवाल रोड, शिवपुरी, टिब्बा रोड, भामियां और हैबोवाल सहित प्रवासी बहुल आबादी वाले इलाकों में करीब 300 से अधिक अनाधिकृत टिकट एजेंसी चल रही हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए आमदनी का साधन बनी हुई हैं। ऐसे में होली से पहले यात्री कन्फर्म टिकट के लिए परेशान हैं और अनाधिकृत टिकट एजेंसियां मिलीभुगत करके चांदी कूट रही हैं।