लुधियाना के जगरांव, खन्ना, हलवारा सहित सभी जगह पर कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। होशियारपुर में गांव मरनाइयां का जसकरन सिंह अपने बारात में वाहन के सामने किसान-मजदूर एकता का काला झंडा लगाकर रवाना हुआ। इस दौरान दूल्हे ने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ किसानों का नहीं बल्कि आम जनता का है। किसानों के समर्थन में शिअद, बसपा और आप ने काले झंडे फहराए।
चंडीगढ़ में भारी संख्या में पुलिस बल रहा तैनात
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान समर्थकों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। इस दौरान चंडीगढ़ में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। नौजवान किसान एकता की ओर से सेक्टर 33-34 लाइट प्वाइंट पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। कानून व्यवस्था के नियंत्रण के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान कोरोना प्रोटॉकाल का उल्लंघन खूब हुआ।
एक साथ कई लोग हुजूम बनाकर खड़े रहे। पास में तैनात पुलिस मूकदर्शक बनी रही। शहर के पेंडू संघर्ष कमेटी की ओर से चंडीगढ़ के गांवों में काला दिवस मनाया। लोगों ने अपने घरों के ऊपर काला झंडा लगाया। नौजवान किसान एकता, चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन, पेंडू संघर्ष कमेटी, युवा कांग्रेस के अलावा कर्मचारी संगठनों ने भी काला दिवस मनाया।
कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के छह महीने पूरे होने के साथ ही केंद्र सरकार के सात साल पूरे होने पर किसानों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर अधिकतर किसानों ने काली पगड़ी बांधी तो महिलाओं ने काली चुनरी ओढ़ी और वहां केंद्र सरकार का विरोध जताया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं व किसानों ने एकत्र होकर पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इसके अलावा कृषि कानूनों के विरोध में शहर में जुलूस निकाला गया और कई गांवों में पीएम का पुतला फूंका गया। झज्जर में काले झंडे लेकर मोटरसाइकिलों और गाड़ियों के काफिले के साथ प्रदर्शन किया और घरों पर काले झंडे लगाए।
कई स्थानों पर सरकार के पुतले जलाए गए। झज्जर, बेरी, मातनहेल में विभिन्न संगठनों ने पुतले जलाकर काला दिवस मनाया। रेवाड़ी में खेड़ा बॉर्डर, बावल व अन्य स्थानों पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने के साथ ही घरों पर काला झंडा लगाकर काला दिवस मनाया गया। इसके अलावा इनेलो व कांग्रेस पार्टी नेताओं ने भी अपने-अपने आवासों पर काले झंडे लगाकर काला दिवस मनाया।
बहादुरगढ़ में किसानों के तंबुओं पर काले झंडे फहराए गए। टीकरी बार्डर और नयागांव चौक समेत जगह-जगह सरकार के पुतले जलाए गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। आंदोलनकारियों ने काले बिल्ले लगाए और कई लोगों ने काले कपड़े पहने। आंदोलनकारियों ने बाईपास पर बाइक रैली निकाली। मांडोठी, सांखोल सहित अनेक गांवों में आंदोलनकरियों ने मोदी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और पुतले फूंके।
किसानों ने अपने घरों, वाहनों व ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाए। जींद में किसान नेता व खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने बताया कि खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर काफी संख्या में किसान पहुंचे। इसके अलावा हर गांव में किसानों ने काले झंडे लगाकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। वहीं कांग्रेसियों ने भी किसानों के समर्थन में काले झंडे लगाए और काली पट्टी बांधी।