हरियाणा में ई-टेंडरिंग के विरोध में आंदोलन कर रहे नवनिर्वाचित सरपंचों को मनाने के लिए अब भारतीय जनता पार्टी ने विधायकों को फील्ड में उतारने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस संबंध में भाजपा विधायकों की आनलाइन बैठक लेकर निर्देश दिए वह पंचायतों से विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित कराकर सरकार के पास भिजवाएं, ताकि अगले वित्त वर्ष से पहले विकास कार्यों को कराया जा सके।
क्योंकि अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होता है और पंचायत विभाग में विकास के लिए रखा गया बजट अगर खर्च नहीं हुआ तो वह लैप्स हो जाएगा। इसके अलावा, हरियाणा सरकार ने हाल ही में 1100 करोड़ रुपये का बजट पंचायतों के लिए जारी किया है।
बैठक में सभी विधायकों के सरपंचों के विरोध प्रदर्शन को लेकर फीडबैक भी लिया गया। साथ ही किस प्रकार से उनको आंदोलन से हटाकर पंचायतों के कार्यों में शामिल किया जा सकता है, इसको लेकर भी सुझाव मांगे गए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधायकों को साफ संदेश दिया कि अपने अपने हलके के सरपंचों के साथ बैठकें करें और पंचायतों में जो भी कार्य लंबित हैं, उनके प्रस्ताव पारित कराकर विभाग को भेजे। इसके अलावा, जरूरी कार्यों की सूची तैयार करने समेत बड़े गांवों की समस्याओं को सुधारने को लेकर भी प्रस्ताव करने के निर्देश दिए। भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री को आशवस्त किया कि जल्द ही पंचायतों से विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे, ताकि गावों में विकास को गति मिल सके।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार द्वारा 2 लाख रुपये से ऊपर के विकास कार्यों के लिए ई टेंडरिंग का फैसला लिया गया है। नए सरंपच इसका विरोध कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि इन आदेशों को रद्द कर पहले की तरह ही 20 लाख रुपये तक के कार्य कराने की शक्तियां सरपंच को दी जाएं। पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली जिस शहर में जा रहे हैं सरपंच उनका विरोध कर रहे हैं और खुद उनके हलके में सरपंचों में मोर्चा खोल रखा है।