उन्हें अगले चुनाव के लिए टिकट की चिंता अभी से सताने लगी है। अब प्रदेश में संगठन की कमान हुड्डा खेमे के हाथ है। कांग्रेस की तरफ से सैलजा के साथ ही अब आनंद शर्मा का नाम भी चल रहा है। भाजपा की तरफ से अनेक पूर्व मंत्रियों के अलावा कुमार विश्वास, पूर्व सांसद दुष्यंत गौतम के नाम भी चर्चा में हैं।
अभी यह है दलों का अंक गणित
भाजपा को राज्यसभा की पहली सीट जीतने के लिए 31 विधायकों की जरूरत पड़ेगी, पार्टी के पास खुद के 40 विधायक हैं। जजपा के 10 विधायकों का भाजपा को समर्थन है। सात निर्दलीयों में से छह विधायक भाजपा के साथ हैं। सिरसा विधायक गोपाल कांडा ने सरकार को समर्थन दिया हुआ है। ऐलनाबाद विधायक अभय चौटाला कांग्रेस के बजाय भाजपा के साथ जाना चाहेंगे। भाजपा के पास विधायकों की संख्या 60 होते ही दोनों सीटें उसकी झोली में आ जाएंगी।
स्याही कांड में फंसे नांदल को लगाया रिटर्निंग अधिकारी
राज्यसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने छह साल पहले स्याही कांड में फंसे विधानसभा सचिव आरके नांदल को रिटर्निंग अधिकारी लगाया है। स्याही कांड के बाद उन्हें दो चुनावों में रिटर्निंग अधिकारी नहीं लगाया गया। इस बार उन पर आयोग ने भरोसा जताया है। वह चाहेंगे कि छह साल पहले के कांड की पुनरावृत्ति इस चुनाव में मतदान होने पर न हो। चूंकि, उस चुनाव में स्याही कांड के कारण भाजपा समर्थित आजाद प्रत्याशी सुभाष चंद्रा जीत गए थे और कांग्रेस-इनेलो के संयुक्त उम्मीदवार आरके आनंद को हार का मुंह देखना पड़ा था। पेन बदलने के कारण कांग्रेस विधायकों की वोट रदद हो गई थी।
ये रहेगा चुनाव कार्यक्रम
दोनों सीटों के लिए मंगलवार को चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया गया। नांदल ने बताया कि उम्मीदवार 31 मई तक किसी भी दिन सुबह 11 से बाद दोपहर 3 बजे तक नामांकन भर सकते हैं। नामांकन पत्रों की छंटनी 1 जून को सुबह 10 बजे होगी। नामांकन 3 जून को बाद दोपहर 3 बजे तक वापस लिए जा सकते हैं। मतदान यदि आवश्यक हुआ तो 10 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।