भाजपा को 39 सीटों का घाटा हुआ है। कांग्रेस को 2019 के लोकसभा चुनावों में 10 सीटों पर बढ़त थी। अब कांग्रेस 31 सीटों पर जीती है। इस तरह कांग्रेस को 21 सीटों का फायदा हुआ है। कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में 28.42 फीसदी वोट मिले थे, जबकि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 28.13 वोट मिले हैं। लोकसभा चुनाव की तुलना मामूली गिरावट वोट प्रतिशत में आई है। बावजूद उसकी सीटें बढ़ी हैं।
भाजपा को दक्षिण और मध्य हरियाणा में फायदा
भाजपा को वोट प्रतिशत में दक्षिण और मध्य हरियाणा में फायदा मिला है। वहीं जिन सीटों पर इनेलो व आजाद विधायक भाजपा में शामिल हुए थे, उनमें से कई सीटें जीतने के साथ ही भाजपा ने वोट प्रतिशत भी बढ़ाया है। जिससे बीते विधानसभा चुनाव की तुलना उसका वोट प्रतिशत तीन फीसदी बढ़ा है। भाजपा ने इस बार रतिया, हथीन, नलवा, फतेहाबाद, कलायत सीटें जीती हैं।
रतिया में इनेलो से पूर्व विधायक प्रो. रविंद्र बलियाला भाजपा में आए थे, उन्हें टिकट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मण नापा का साथ दिया। हथीन में केहर सिंह इनेलो से भाजपा में आए थे, वहां प्रवीण डागर जीते हैं। नलवा में रणबीर गंगवा इनेलो से भाजपा में आए थे, उन्हें टिकट मिला और वह जीते भी।
फतेहाबाद में बलवान सिंह दौलतपुरिया इनेलो से भाजपा में आए, उन्हें टिकट नहीं मिला, फिर भी उन्होंने भाजपा उम्मीदवार दुड़ा राम का साथ दिया। दुड़ा राम जीत भी गए। कलायत में रामपाल माजरा भाजपा में इनेलो से शामिल हुए थे, उन्हें टिकट तो नहीं मिला, मगर उनके समर्थन से कमलेश ढांडा जीतने में सफल रहीं। इसके अलावा महम, राई, गन्नौर, कैथल, पलवल, होडल व तिगांव सीट को भी भाजपा ने जीता है।