रात में आईएएस की बेटी का पीछा किया, गिरफ्तार हुए और अगले दिन जमानत पर छूट गए। दिन भर हाई वोल्टेज ड्रामा चला और पुलिस के होश उड़े रहे। उड़े भी क्यों न, पीड़िता हरियाणा के आईएएस की बेटी थी और आरोपी हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला का बेटा विकास बराला और उसका दोस्त आशीष। 45 मिनट पर युवती उनसे जूझती रही।
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इस बीच युवती ने 100 नंबर पर कॉल किया। वो तो पुलिस समय पर पहुंच गई और दोनों युवक पकड़े गए। उसके बाद मामला बढ़ता चला गया। जांच में केस हाईप्रोफाइल निकला, लेकिन पुलिस ने युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उसके बाद लड़की ने फेसबुक पर पूरी कहानी बयां की। लड़की ने बताया कि उसने तो सुरक्षित घर पहुंचने की उम्मीद तक छोड़ दी थी।
मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मेरे साथ कुछ भी हो सकता था। आरोपी युवक मेरी हत्या भी कर सकते थे और मेरा रेप भी कर सकते थे। चंडीगढ़ पुलिस के तुरंत जवाब मिलने के कारण मै आरोपियों की शिकार नहीं बनी। लड़की ने चंडीगढ़ पुलिस के जल्द मौके पर पहुंचने पर धन्यवाद करते हुए खुद को भाग्यशाली बताया।
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ये था पूरा मामला
subhash brala son charged for molestation
हरियाणा कैडर के एक सीनियर आईएएस की 24 वर्षीय बेटी का पीछा करने और छेड़छाड़ के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला और उसके दोस्त आशीष कुमार को गिरफ्तार किया है। सेक्टर -26 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 डी (छेड़छाड़), 341 (रास्ता रोकने की कोशिश) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की (एचआर-23 जी 1008) सफारी गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। जमानती धारा जुड़े होने के कारण दोनों आरोपियों को शनिवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे थाने से ही जमानत दे दी गई।
आरोपी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में एलएलबी के छात्र हैं। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात 12 बजे पुलिस के कंट्रोल रूम में पीड़िता ने सूचना दी कि दो युवक सेक्टर सात से उसका पीछा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और पीसीआर वैन ने चंडीगढ़ के हाउसिंग बोर्ड के पास से आरोपियों को दबोच लिया। युवती ने बताया कि आरोपियों ने उसकी कार को तीन बार ओवरटेक करने की कोशिश की। गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपियों को सेक्टर 26 पुलिस थाने ले गई। युवती भी रात में थाने पहुंची।
उसने अपने भाई को भी थाने बुलाया और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। डीएसपी ईस्ट सतीश कुमार ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के बाद दोनों का मेडिकल कराया गया। उनके मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। जांच में शराब पीने की पुष्टि भी हुई। उसके बाद आरोपियों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
दोपहर तक गैरजमानती धारा लगाने की बात, बाद में दी जमानत
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हाईप्रोफाइल मामला होने पर चंडीगढ़ पुलिस पर जबरदस्त दबाव था। सुबह के वक्त पुलिस के आला अधिकारियों ने मीडिया में कहा कि आरोपियों पर गैरजमानती धारा लग सकती है। माना जा रहा था कि आरोपी सलाखों के पीछे जाएंगे। लेकिन दोपहर बाद पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों ने ऐसा दावा किया गया कि चंडीगढ़ पुलिस पर भाजपा के आला नेताओं ने दबाव बनाया। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। उसने 164 के तहत जो बयान दिया है, उसके तहत कोई गैरजमानती धारा नहीं बनती।
रात में ही आईएएस थाने पहुंचे
छेड़खानी की घटना के बाद पीड़िता ने अपने पिता को तुरंत सूचना दी। उसके पिता हाउसिंग बोर्ड पहुंचे और अपनी बेटी के साथ सेक्टर 26 थाने पहुंचे। उसके बाद उन्होंने एक एडवोकेट को भी थाने बुला लिया। ताकि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते वक्त ढिलाई न बरते। जब पुलिस को पता चला कि पीड़िता के पिता सीनियर आईएएस आफिसर है तो वह भी सतर्क हो गई और कार्रवाई में जुट गई।
सुबह आईएएस लॉबी पहुंची थाने
शनिवार सुबह जैसे ही आईएएस लॉबी को पता चला कि उनके साथी की बेटी के साथ छेड़खानी की घटना हुई तो सुबह कई आईएएस अधिकारी सेक्टर 26 थाने पहुंचे। उन्होंने आला अधिकारियों से इस संबंध में बात की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
आईएएस व पीड़िता के सामने गिड़गिड़ाते रहे आरोपी
सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद आरोपियों को लगा कि वह अपने राजनीतिक रसूख से थाने से छूट जाएंगे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि पीड़ित पक्ष के पिता आईएएस आफिसर हैं और पीड़िता भी अपने बयान से पीछे हटने वाली नहीं है तो आरोपियों के होश उड़ गए। वे तुरंत आईएएस के सामने गिड़गिड़ाने लगे। लेकिन पीड़िता ने एक भी नहीं सुनीं। घटना के करीब तीन घंटे के बाद पीड़िता लिखित शिकायत दी। उसके बाद पुलिस ने मेडिकल कराकर आरोपियों के खिलाफ परचा दे दिया।
युवती ने फेसबुक पर ऐसे बयां किया दर्द
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युवती ने फेसबुक पर पोस्ट करके लिखा कि मै देर रात करीब 12.15 बजे घर की जा रही थी। इस दौरान मोबाइल पर अपनी दोस्त से बातचीत कर रही थी। जैसे ही मेरी कार सेक्टर-7 स्थित पेट्रोल पंप क्रास किया होगा कि मुझे महसूस हुआ कि दो युवक मेरा पीछा कर रहे हैं। ध्यान से देखा तो हरियाणा नंबर की सफेद सफारी में दो युवक नजर आए। इसके बाद खौफ में आकर मैने सेंट जोंस ट्रैफिक लाइट की ओर गाड़ी घुमा ली।
दरअसल, अधिक भीड़ वाली सड़क होती हैं। इसके बावजूद दोनों रईसजादें पीछा करते हुए परेशान करते रहे। सेक्टर-7 के बाद दोबारा से आरोपियों ने सेक्टर-26 में गाड़ी सटाकर मेरी गाड़ी रुकवाने की कोशिश की। दोनों आरोपियों ने गाड़ी आगे निकालकर भागने पर मजबूर कर दिया। जिसके बाद मैने गाड़ी आगे बढ़ा ली। आखिरकार अंत में आरोपियों ने हाउसिंग बोर्ड पर पहुंचकर ओवरटेक करके गाड़ी रुकवा ली। इसके बाद मैने साहस दिखाते हुए गाड़ी लॉक किया और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी।
गाड़ी रोकने के बाद ड्राइविंग सीट पर बैठा युवक नीचे उतरकर तेजी से मेरी गाड़ी की ओर आता है। उसने जोरदार धक्का मारकर मेरी गाड़ी को टक्कर मारकर खोलने का प्रयास भी किया। इस दौरान मै पूरी तरह से डरकर हिम्मत छोड़ने वाली थी। लेकिन, सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने गाड़ी का नंबर लेकर फ्लैस कर दिया। आरोपियों ने पुलिस टीम व पीसीआर ने दौड़ाकर कुछ ही दूरी तय करके गिरफ्तार कर लिया।
12.40 पर गिरफ्तार:- युवती की कॉल पर पहुंची थाना व पीसीआर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
1.20 बजे हरियाणा के सीनियर ऑफिसर अपनी बेटी के साथ रसूखजादों के खिलाफ शिकायत देने पहुंचे।
देर रात करीब 1.30- अफसरों व नेताओं में हड़कंप मच गया। जिसका असर पुलिसकर्मियों पर भी दिखा
3 बजे दी शिकायत- सूत्रों के अनुसार पीड़िता ने आरोपियों की मिन्नतों को नजरअंदाज करते हुए करीब 3 बजे शिकायत दी।
4 बजे हुआ मेडिकल:- पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत दोनों आरोपियों का मनीमाजरा अस्पताल में मेडिकल करवाया। जहां पर रिपोर्ट में शराब पीने की पुष्टि हुई।
4.20 बजे केस दर्ज- पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर मेडिकल करवा कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
सुबह करीब 10.20 बजे- इलेक्ट्रानिक व प्रिंट मीडियाकर्मी भी सेक्टर-26 थाने के बाहर कैमरे लगाकर जमा हो गई।
सुबह 11 बजे- बीजेपी नेता किशन ढुल्ल अपनी टीम सहित थाने में पहुंच गए।
सुबह 11.30- डीएसपी, थाना प्रभारी, बीजेपी नेता, आरोपी सहित सभी थाने के अंदर हो गए। किसी भी सवालों का जवाब पुलिसकर्मी देने से कतराने लगे।
दोपहर 12 बजे- थाने में कबाड़ की खड़ी गाड़ियों के पास भी 3 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। वहां, पर बीजेपी नेताओं की गाड़ी खड़ी थी। उधर किसी का भी जाना, फोटो करना पुलिसकर्मियों ने वर्जित कर दिया।
दोपहर 2.30 बजे- लंबी कार्रवाई के बाद डीएसपी सेंट्रल संतीष कुमार ने थाना प्रभारी के रूम में आकर मीडिया कर्मियों को घटना की जानकारी दी। आरोपियों पर फाइनल कार्रवाई अभी भी अधूरी थी। जिसको कुछ समय में अपडेट करवाने का बयान भी आया।
दोपहर 3 बजे:- सूत्रों के मुताबिक दोपहर करीब तीन बजे पुलिस के पीड़िता के 164 के बयान दर्ज करवाएं। मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 341( पीछा करना) जोड़ दिया।
दोपहर 4.20 बजे- दोनों आरोपी विकास बराला व उसके दोस्त आशीष कुमार को जमानत दे दी।