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IAS की बेटी ने फेसबुक पर उड़ेला दर्द, बच गई वरना रेप हो जाता

Mon, 07 Aug 2017 11:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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subhash brala son charged for molestation
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मैं कार दौड़ाती रही और वो मेरा पीछा करते रहे। 45 मिनट तक सांस सूखी रही, मेरे साथ रेप या मेरी हत्या हो सकती थी। लड़की की आपबीती सुनकर रूह कांप जाएगी। छेड़छाड़ के एक हाई प्रोफाइल मामले ने दिन भर चंडीगढ़ पुलिस के होश उड़ाए रखे। आखिरकार केस दर्ज हुआ और आरोपियों को जमानत भी मिल गई।
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पीड़िता हरियाणा के आईएएस की बेटी थी और आरोपी हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला का बेटा विकास बराला और उसका दोस्त आशीष। लेकिन युवती के साथ बीच सड़क पर इस तरह की वारदात ने यूटी पुलिस पर सवालिया निशान लगा दिया। महिला सुरक्षा का दावा करने वाली चंडीगढ़ पुलिस का डर इन रईसजादों पर नहीं दिखा।

उसके बाद लड़की ने फेसबुक पर पूरी कहानी बयां की। लड़की ने बताया कि उसने तो सुरक्षित घर पहुंचने की उम्मीद तक छोड़ दी थी। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। लड़की ने चंडीगढ़ पुलिस के जल्द मौके पर पहुंचने पर धन्यवाद करते हुए खुद को भाग्यशाली बताया।
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हत्या या रेप भी हो सकता था..
पीड़िता ने फेसबुक पर लिखा कि मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मेरे साथ कुछ भी हो सकता था। आरोपी युवक मेरी हत्या भी कर सकते थे और मेरा रेप भी कर सकते थे। चंडीगढ़ पुलिस के तुरंत जवाब मिलने के कारण मै आरोपियों की शिकार नहीं बनी।
 

युवती ने फेसबुक पर ऐसे बयां किया दर्द

subhash brala son charged for molestation
युवती ने फेसबुक पर पोस्ट करके लिखा कि मै देर रात करीब 12.15 बजे घर की जा रही थी। इस दौरान मोबाइल पर अपनी दोस्त से बातचीत कर रही थी। जैसे ही मेरी कार सेक्टर-7 स्थित पेट्रोल पंप क्रास किया होगा कि मुझे महसूस हुआ कि दो युवक मेरा पीछा कर रहे हैं। ध्यान से देखा तो हरियाणा नंबर की सफेद सफारी में दो युवक नजर आए। इसके बाद खौफ में आकर मैने सेंट जोंस ट्रैफिक लाइट की ओर गाड़ी घुमा ली।

दरअसल, अधिक भीड़ वाली सड़क होती हैं। इसके बावजूद दोनों रईसजादें पीछा करते हुए परेशान करते रहे। सेक्टर-7 के बाद दोबारा से आरोपियों ने सेक्टर-26 में गाड़ी सटाकर मेरी गाड़ी रुकवाने की कोशिश की। दोनों आरोपियों ने गाड़ी आगे निकालकर भागने पर मजबूर कर दिया। जिसके बाद मैने गाड़ी आगे बढ़ा ली। आखिरकार अंत में आरोपियों ने हाउसिंग बोर्ड पर पहुंचकर ओवरटेक करके गाड़ी रुकवा ली।

इसके बाद मैने साहस दिखाते हुए गाड़ी लॉक किया और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। गाड़ी रोकने के बाद ड्राइविंग सीट पर बैठा युवक नीचे उतरकर तेजी से मेरी गाड़ी की ओर आता है। उसने जोरदार धक्का मारकर मेरी गाड़ी को टक्कर मारकर खोलने का प्रयास भी किया। इस दौरान मै पूरी तरह से डरकर हिम्मत छोड़ने वाली थी। लेकिन, सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने गाड़ी का नंबर लेकर फ्लैस कर दिया। आरोपियों ने पुलिस टीम व पीसीआर ने दौड़ाकर कुछ ही दूरी तय करके गिरफ्तार कर लिया।
 
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ये था पूरा मामला

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हरियाणा कैडर के एक सीनियर आईएएस की 24 वर्षीय बेटी का पीछा करने और छेड़छाड़ के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला और उसके दोस्त आशीष कुमार को गिरफ्तार किया है। सेक्टर -26 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 डी (छेड़छाड़), 341 (रास्ता रोकने की कोशिश) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया है।

आरोपियों की (एचआर-23 जी 1008) सफारी गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। जमानती धारा जुड़े होने के कारण दोनों आरोपियों को शनिवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे थाने से ही जमानत दे दी गई। आरोपी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में एलएलबी के छात्र हैं। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात 12 बजे पुलिस के कंट्रोल रूम में पीड़िता ने सूचना दी कि दो युवक सेक्टर सात से उसका पीछा कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही थाना पुलिस और पीसीआर वैन ने चंडीगढ़ के हाउसिंग बोर्ड के पास से आरोपियों को दबोच लिया। युवती ने बताया कि आरोपियों ने उसकी कार को तीन बार ओवरटेक करने की कोशिश की। गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपियों को सेक्टर 26 पुलिस थाने ले गई। युवती भी रात में थाने पहुंची। उसने अपने भाई को भी थाने बुलाया और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी।

दोपहर तक गैरजमानती धारा लगाने की बात, बाद में दी जमानत
हाईप्रोफाइल मामला होने पर चंडीगढ़ पुलिस पर जबरदस्त दबाव था। सुबह के वक्त पुलिस के आला अधिकारियों ने मीडिया में कहा कि आरोपियों पर गैरजमानती धारा लग सकती है। माना जा रहा था कि आरोपी सलाखों के पीछे जाएंगे। लेकिन दोपहर बाद पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों ने ऐसा दावा किया गया कि चंडीगढ़ पुलिस पर भाजपा के आला नेताओं ने दबाव बनाया। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। उसने 164 के तहत जो बयान दिया है, उसके तहत कोई गैरजमानती धारा नहीं बनती।
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