लोकसभा चुनाव 2019 जीतने के लिए बीजेपी की रणनीति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बीजेपी इस बार एक ऐसा दांव खेल सकती है, जिससे विरोधियों को नुकसान होगा। भाजपा की ओर से लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके मद्देनजर पार्टी प्रदेश की सभी दस सीटों पर जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आवश्यकता पड़ी तो पार्टी की ओर से इन पर जीतने और लड़ने वालों के चेहरे बदले जाएंगे।
यह बात भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कोई पैराशूट से आता है तो वह बाहरी नहीं होता है, वह हमारे बीच का ही होता है। लोकसभा चुनाव की दस सीटों को जीतने के लिए फार्मूला तैयार किया गया है। उसमें संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रहे हैं। पहले चरण में सोनीपत व करनाल लोकसभा सीट के कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा हुई है।
इसके साथ ही हर लोकसभा सीट के कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी की ओर से तैयार कार्ययोजना पर चर्चा की जा रही है। इस दौरान आने वाले इनपुट पर समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उम्मीदवार के चेहरे को बदलने में परहेज नहीं किया जाएगा। चुनाव के दौरान पार्टी अपने लक्ष्य पर काम करती है। लक्ष्य जनता से मिलने वाले इनपुट पर पूरा होता है।
जनता के बीच किसकी क्या छवि है, इसे जाना जा रहा है। प्रधानमंत्री की ओर से लागू योजना को धरातल पर किस तरह लाया गया। लापरवाही कहां हुई है? किसने गलत बयान देकर पार्टी की छवि को खराब करने का प्रयास किया? जनता क्या चाहती है? इन सब विषयों को देखा जा रहा है।
राव इंद्रजीत के बयान पर साध ली चुप्पी
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश की राजनीति गरमाती जा रही है। भाजपा के सांसद एवं केंद्र में मंत्री राव इंद्रजीत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया था। इस विषय पर प्रदेश भाजपा प्रभारी ने कुछ भी बोलने से इनकार किया। राव इंद्रजीत ने रेवाड़ी में गैंगरेप की हुई घटना व जाट आंदोलन का जिक्र करते हुए प्रदेश के मुखिया की नेतृत्व पर सवाल उठाया था। सांसद के बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। अहिरवाल के कद्दावर नेता होने के कारण अहिरवाल क्षेत्र में उनकी अहम पैठ है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में प्रधानमंत्री को ठीक बताया था।