होशियारपुर में भी भाजपा का विरोध।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
होशियारपुर में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता इकबाल सिंह लालपुरा की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में पता चला तो किसान कार्यक्रम स्थल के सामने जा पहुंचे और रोष जताने लगे। प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की बात पर अड़ रहे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों की खींचतान के बीच नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भाजपा नेता जानबूझकर माहौल खराब करना चाहते हैं। भाजपा नेताओं की कॉन्फ्रेंस और सभाओं पर तब तक रोक लगाई जानी चाहिए जब तक कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता। इस मौके पर गुरमेश सिंह, लॉरेंस चौधरी, गुरनाम सिंह सिग्रीवाला, विकास हंस, अमन सिंह, मलकीत सिंह, मास्टर बलबीर सिंह, सिमरनजीत सिंह, गंगा प्रसाद मौजूद रहे।
बरनाला में किसानों ने भाजपा नेताओं को किया नजरबंद
उधर, बरनाला में बैठक करने पहुंचे भाजपा नेताओं को किसान संगठनों ने रेस्ट हाउस में नजर बंद कर दिया। रेस्ट हाउस में भाजपा पंजाब के उपप्रधान प्रवीण बांसल, भाजपा के जिला इंचार्ज विजय सिंगला, जिला प्रधान यादवेंद्र शैंटी, भाजपा नेता प्रवीण कुमार, राजेंद्र उप्पल, दर्शन नैनवाल, पूर्व जिला प्रधान गुरमीत हंडिआया मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार शनिवार को भाजपा नेता बरनाला में बैठक करने पहुंचे थे। इसकी भनक किसान संगठनों को लग गई। किसानों ने जिला प्रधान चमकौर सिंह, ब्लाक प्रधान बलौर सिंह व जरनैल सिंह के नेतृत्व में रेस्ट हाउस का गेट बंद कर भाजपा नेताओं को नजरबंद कर दिया। इसके बाद धरना लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही एसपी पीवीआई जोगिंदर सिंह चीमा, डीएसपी आरएस दिओल, डीएसपी सिटी लखबीर सिंह पुलिस टीम समेत मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को मनाने की कोशिश की लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि संघर्ष रोकने की कोशिश की गई तो चक्काजाम किया जाएगा। इसके बाद जब पुलिस प्रशासन ने रेस्ट हाउस का गेट नहीं खोलने दिया तो किसानों ने बरनाला हंडिआया रोड पर ट्रैक्टर-ट्राली समेत जाम लगा दिया। साथ ही जिला अदालत के गेट के समक्ष पक्का मोर्चा लगा दिया। किसान नेता बलौर सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में लगातार संघर्ष किया जा रहा है। जब तक कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता किसानों का संघर्ष ऐसे ही जारी रहेगा। किसान भाजपा नेताओं का घेराव करते रहेंगे।
‘चार साल के शासनकाल में फेल प्रदेश सरकार’
वहीं दूसरी ओर बैठक के दौरान पंजाब भाजपा के उप प्रधान प्रवीण बंसल ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने चार साल के शासनकाल में पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। बेशक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घर-घर रोजगार, बेरोजगार को मान भत्ता, शगुन स्कीम, नशे को दूर करना और रंगला पंजाब का वादा किया था लेकिन असल में कोई वादा पूरा नहीं हुआ। कैप्टन सरकार अपने वादों से भाग रही है। भाजपा विधानसभा चुनाव 2022 में पंजाब में हर सीट से चुनाव लड़ेगी।