हरियाणा विधानसभा चुनावों के बाद आक्रामक रूख में आई भारतीय जनता पार्टी ने अब पंजाब के डीजीपी सुमेध सैनी को घेर लिया है।
भाजपा नेताओं के मुताबिक पंजाब के डीजीपी सुमेध सैनी सूबे को नशा मुक्त करने का दावा कर रहे हैं जबिक हकीकत यह है कि सूबा नशा मुक्त नहीं बल्कि नशा युक्त बन चुका है। डीजीपी कार्यालय में बैठकर ऐसे दावे तो जता रहे हैं लेकिन अगर वह 100 लोगों से बात कर लें तो उनके दावों की हवा सरक जाएगी।
पंजाब भाजपा कल्चरल सेल के प्रधान व जनजागृति मंच के चेयरमैन किशन लाल शर्मा व उपाध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की ने डीजीपी सुमेध सैनी द्वारा नशा मुक्त पंजाब के दिए अभियान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हकीकत में पंजाब नशा युक्त हो चुका है और इसमें पंजाब के बड़े बड़े पुलिस अफसर व नेता नशे के कारोबार का संरक्षण करते हैं।
नेताओं ने बताया कि पंजाब पुलिस ने जो भोला तस्कर को पकड़ा था वो इंटरनेशनल प्रेशर के कारण पकड़ा था और भोला के सहयोगी नेता व अधिकारियों पर कारवाई करने से पंजाब के डीजीपी गुरेज कर पंजाब की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नशा मुक्त करने में लगे ईमानदार अधिकारियों के तबादले भी पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों द्वारा कर दिए जाते हैं।
केंद्र सरकार की सतर्कता के कारण पंजाब में डीआरआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां नशे की बड़ी खेपों व मगरमच्छों को पकड़ रही है और पंजाब पुलिस केवल कागजों में ही नशा मुक्त के दावे कर रही हैं।
भाजपा नेताओं ने पंजाब के डीजीपी को कहा कि अगर आप पंजाब में नशा मुक्त की सही जानकारी लेना चाहते हो तो किसी भी गांवों व शहर में खड़े होकर आम जनता के 100 लोगों से चर्चा कर उनकी राय ले तो पंजाब पुलिस के नशा मुक्त पंजाब के दावे की पूर्ण रूप में हवा निकल जाएगी।
किशन लाल शर्मा ने कहा कि देश की केन्द्र सरकार पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए पैसे भी दे रही है जिसका दुरूपयोग कुछ अधिकारी व नेता कर रहे हैं वहीं पूरे विश्व में दूध, दही से मशहूर पंजाब की चर्चा होती थी लेकिन आज विश्व में नशों की राजधानी पंजाब के नाम से हो रही है।