बोले - पराली जलाने के मामलों में किसानों पर कार्रवाई का फैसला वापस ले सरकार
चंडीगढ़। एक बार फिर भाजपा सरकार किसानों को एमएसपी और खाद देने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। क्योंकि मंडियों में धान की खरीद न होने से किसान एमएसपी से कम रेट में फसल बेचने को मजबूर हैं। वहीं, भाजपा ने चुनाव में किसानों को धान पर 3100 रुपये रेट देने का वादा किया था। लेकिन चुनाव में जीत के बाद हमेशा की तरह भाजपा अपने वादे से मुकर गई। ये कहना है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का।
हुड्डा ने कहा कि अगली फसल की बिजाई के लिए सरकार की ओर से किसानों को डीएपी भी मुहैया नहीं करवाया जा रहा। खाद की सप्लाई न होने से किसानों को लंबी-लंबी कतारों में कई-कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है। फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही और उन्हें ब्लैक में खाद खरीदनी पड़ रही है।
हुड्डा ने कहा कि पूरे प्रदेश की मंडियां धान से अटी पड़ी हैं। न उठान और न ही किसानों को समय से भुगतान हो पा रहा है। पूरे प्रदेश में किसानों के विरुद्ध मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें रेड लिस्ट किया जा रहा है। कांग्रेस मांग करती है कि तुरंत केस वापस लिए जाएं।