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Adampur By-Election: आदमपुर के मैदान में उतरी भजनलाल की तीसरी पीढ़ी, भाजपा ने भव्य बिश्नोई को दिया टिकट

Sat, 08 Oct 2022 11:49 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

1968 से लेकर 1982 तक भजन लाल आदमपुर सीट से विधायक रहे हैं। उनके अलावा उनकी पत्नी जसमा देवी भी यहां से चुनाव लड़ चुकी हैं। कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई भी यहां से चुनकर विधानसभा तक पहुंच चुके हैं। अब भव्य बिश्नोई चुनाव लड़ेंगे। 
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सीएम मनोहर लाल के साथ कुलदीप बिश्नोई और भव्य बिश्नोई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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भाजपा ने आदमपुर उपचुनाव के लिए भव्य बिश्नोई को टिकट दिया है। आदमपुर पूर्व सीएम भजनलाल का गढ़ माना जाता है। पिछले 54 साल से यहां पर भजनलाल परिवार का कब्जा रहा है। 1968 से चली आ रही भजनलाल परिवार की इस विरासत को इस बार उनका पोता संभालेगा।

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भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव को भजनलाल परिवार के सहारे जीतना चाह रही है। पार्टी का मानना है कि उपचुनाव में भजनलाल परिवार के नाम पर जो वोट मिलने हैं वे तो मिलेंगे ही साथ ही भाजपा जजपा गठबंधन के नाम पर भी वोट पड़ेंगे और इस क्षेत्र में भाजपा को और मजबूती मिलेगी।  

1968 से लेकर 1982 तक भजन लाल आदमपुर सीट से विधायक रहे हैं। उनके अलावा उनकी पत्नी जसमा देवी भी यहां से चुनाव लड़ चुकी हैं। कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई भी यहां से चुनकर विधानसभा तक पहुंच चुके हैं। अब भव्य बिश्नोई चुनाव लड़ेंगे। 

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गठबंधन के लिए एक अग्निपरीक्षा

आदमपुर उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी व जननायक जनता पार्टी गठबंधन सरकार की अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के तीसरे साल में है। गत आठ वर्षों में यह चौथा उपचुनाव है। तीन उपचुनाव में से एक में कांग्रेस, एक भाजपा और एक में इनेलो विजयी रही है। 2019 के विधानसभा चुनाव में यहां से कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। उनके खिलाफ भाजपा ने यहां से टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट को मैदान में उतारा था। 

सोनाली फोगाट की गत 23 अगस्त को गोवा में हत्या हो गई। यह सीट कुलदीप बिश्नोई के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। कुलदीप अब भाजपाई हो चुके हैं। भजनलाल के समय से ही यह सीट बिश्नोई परिवार के दबदबे वाली रही है। इसलिए भाजपा ने बिश्नोई परिवार पर ही दांव खेला है। 

भाजपा प्रत्याशी का मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही होगा। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के भी चुनाव होने वाले हैं। इसलिए आदमपुर का यह उपचुनाव राजनीतिक दल पंचायत चुनाव के लिए भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। 
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