पंजाब में बाढ़ से हुए नुकसान के मामले में पंजाब भाजपा के नेताओं के एक शिष्टमंडल ने गुरुवार को राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अनदेखी के कारण पंजाब के लगभग सभी जिलों में बाढ़ के हालात पैदा हुए हैं। जनता को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सभी वर्ग परेशान है। केंद्र बिना मांगे राज्य सरकार को हर संभव मदद कर रहा है। बिना मांगे 218 करोड़ रुपये केंद्र ने जारी किए है लेकिन मुख्यमंत्री किसी भी मदद नहीं मांग रहे है। जबकि आप नेता का कहना है कि इस मुश्किल घड़ी में भी भाजपा राजनीति कर रही है।
राजभवन में मीडिया से बातचीत में भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि सरकार से जवाब मांगा जाए कि आखिर जब मौसम विभाग ने बाढ़ का अलर्ट दिया था तो समय रहते इंतजाम क्यों नहीं किया? उन्होंने बताया कि अब रिपोर्ट आ रही है कि बाढ़ के बाद बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
सरकार केवल कागजों में ही काम कर रही है। गांवों में डॉक्टरों की टीम और अन्य सेहत अमला उस तरीके से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक कई गांवों में घुटनों तक पानी भरा है। ऐसे में छह महीने तक फसल की बिजाई नहीं होगी। गिरदावरी अभी संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में बाढ़ पीड़ितों परिवार को अंतरिम राहत दी जाए।
उन्होंने कहा कि अब खेतों में पनीरी लगाना संभव नहीं है। सरकार नहीं बल्कि लोग अपने स्तर पर धान की पनीरी का इंतजाम कर रहे है। शिष्टमंडल में सुनील जाखड़ के साथ केवल सिंह ढिल्लों, लखविंदर कौर गरचा, परमिंदर बराड़, गुरप्रीत सिंह कांगड, अरविंद खन्ना, बलबीर सिद्धू, अमनजोत कौर रामूवालिया, जयइंद्र कौर, डॉ. सुभाष शर्मा, राकेश राठौर, राज कुमार वेरका शामिल थे।