राबर्ट वाड्रा लैंड डील मामले में देर से ही सही, लेकिन हरियाणा सरकार ने अब मुस्तैदी दिखानी शुरू कर दी है। हरियाणा में वाड्रा लैंड डील सहित अन्य विवादित भूमि सौदों की जांच के लिए गठित आयोग दिसंबर 2015 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को केबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को दी।
आयोग के गठन की घोषणा सरकार पहले कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में गुड़गांव के सेक्टर-83 वाणिज्यिक कॉलोनियां विकसित करने के लिए नगर व ग्राम आयोजन विभाग की ओर से जारी लाइसेंसों के संबंध में जांच आयोग नियुक्त करने को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
आयोग इस बात की जांच करेगा कि किन परिस्थितियों के कारण गुड़गांव के सेक्टर-83 में कुछ संस्थाओं को वाणिज्यिक कॉलोनियां विकसित करने के लिए लाइसेंस जारी किए गए ? क्या यह स्थल ग्राम एवं आयोजन विभाग सहित अन्य कानूनों, नियमों, परिपत्रों तथा अधिसूचनाओं व दिशा-निर्देशों के अनुसार लाइसेंस जारी करने के लिए सही थे।
आयोग इस बात की भी जांच करेगा कि क्या थोड़े समय की अवधि में कुछ संस्थानों की ओर से हस्तांतरित किए गए लाइसेंस नियमों का उल्लंघन तो नहीं है।
आयोग इस मुद्दे पर कैग की रिपोर्ट सहित विभिन्न राजनीतिक दलों, मैगजीनों तथा व्यक्ति विशेष की ओर से दी गई शिकायतों पर भी संज्ञान लेगा। साथ ही न्याय के लिए सिफारिशें देगा।
गुड़गांव में होगा आयोग का मुख्यालय: आयोग का मुख्यालय गुड़गांव में होगा। यह ऑडियो-विजुअल सुविधाओं सहित अन्य उपकरणों से सुसज्जित होगा। हरियाणा सिविल सेवा का एक अधिकारी आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
मामले की जांच में सहयोग के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी तैनात होगा, जिसके पास ऐसे मामलों की जांच करने की विशेषज्ञता है। गुड़गांव के उपायुक्त को कार्यालय के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के लिए अधिकृत किया गया है। यहां विधि शोधार्थी सहित अन्य आवश्यक सरकारी कर्मचारी भी नियुक्त करवाए जाएंगे।