राइट टू इंफारमेशन (आरटीआई) के तहत बुड़ैल जेल से संबंधित जानकारी मांगना सेक्टर-38 ए निवासी जोगिंद्र सिंह को काफी महंगा पड़ रहा है।
जेल प्रबंधन ने जोगिंद्र को जानकारी देने के लिए 70 हजार फीस जमा करने की चिट्ठी घर भेज दी। इतनी फीस देखकर सिंह का सिर भी चकरा गया।
जोगिंद्र सिंह ने बताया कि उसने 21 अप्रैल 2015 को बुड़ैल जेल के सेंट्रल पब्लिक इंफारमेशन ऑफिसर (सीपीआईओ) को चिट्ठी लिख आरटीआई में कुछ जानकारी मांगी। लेकिन जेल प्रबंधन ने जानकारी देने से पहले 70 हजार जमा करने को कहा है।
चिट्ठी में लिखा गया कि 10 साल का रिकार्ड देने के लिए जेल प्रबंधन को काफी पैसा खर्च करना पड़ेगा। आरटीआई एप्लीकेशन में जोगिंद्र सिंह ने 13 सवालों के जवाब मांगे थे।
इसमें कैदियों को दी जाने वाली सुविधा, जेल प्रशासन के पास कैदियों के लिए आने वाला वेलफेयर फंड, जेल परिसर में सफेदी के लिए मांगे गए टेंडर, सजा के दौरान मारे गए कैदियों और जेल में भर्ती कर्मचारियों से जुड़ा पूरा रिकार्ड मांगा है।