घरौंडा से पार्टी ने हरविंद्र कल्याण, गोहाना से जय सिंह ठेकेदार, जींद से सुरेंद्र बरवाला, मुलाना से संतोष सारवान, थानेसर से सुभाष सुधा, फतेहाबाद से स्वतंत्र बाला चौधरी, लोहारू से जेपी दलाल, नांगल चौधरी से अभय सिंह यादव, पिहोवा से जयभगवान शर्मा, कलायत से बीरेंद्र सिंह के समर्थक धर्मपाल शर्मा और कैथल से राव सुरेंद्र सिंह को टिकट दिया है।
पार्टी छोड़ी फिर भी फायदा नहीं मिला
कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री राजकुमार वाल्मीकि, कांग्रेसी नेता बंताराम, इनेलो से छोड़ भाजपा में आए पूर्व मंत्री बलबीर सैनी, पूर्व सीपीएस सुलतान सिंह जाडौला और पूर्व मंत्री एमएलरंगा और पूर्व मंत्री बहादुर सिंह को टिकट नहीं मिला है।
सांसदों की आस पर फिरा पानी
अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट की पैरवी कर रहे सांसदों के हाथ निराशा आई है। अंबाला से सांसद रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो कटारिया को टिकट नहीं मिला है। इसके अलावा राव इंद्रजीत सिंह की बेटी भी टिकट से महरूम रह गई हैं। मोदी के करीबी कृष्णपाल गुर्जर के लिए भी अपने पुत्र को टिकट दिलवाना संभव नहीं हुआ।
इसके अलावा भिवानी से सांसद धर्मवीर और सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक भी अपने रिश्तेदारों के लिए टिकट की पैरवी कर रहे थे, लेकिन इनकी हसरत पूरी नहीं हुई। अलबत्ता केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा को भाजपा के टिकट पर सफीदों से उम्मीदवार बनाया गया है।
पार्टी ने सूची में 15 महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि 8 महिलाओं को पहले ही टिकट दिया गया था। लिहाजा, अब 90 विधानसभा क्षेत्रों में से 23 पर महिलाएं अपनी किस्मत आजमाएंगी।
इन्हें मिला टिकट, इनके हाथ लगी निराशा
नीलोखेड़ी से टिकट के आश्वासन पर भाजपा में शामिल हुए राजकुमार वाल्मीकि को निराशा हाथ लगी है। घरौंडा से दलबदलू हरविंद्र कल्याण को जगह मिली है। पूंडरी से टिकट के आश्वासन पर बीरेंद्र सिंह के साथ भाजपा में शामिल हुए पूर्व सीपीएस सुलतान सिंह जाडौला को भी मायूसी हाथ लगी है।
भाजपा की सूची के मुताबिक अंबाला शहर से इनेलो के पूर्व विधायक जसबीर मलोर की टिकट काटकर असीम गोयल को मौका दिया है। मुलाना से पूर्व मंत्री संतोष सारवान को टिकट मिला है। कुरुक्षेत्र में कांग्रेस के दो नेताओं सुभाष सुधा को थानेसर और जयभगवान शर्मा को पिहोवा से उम्मीदवार बनाया है।
पूर्व आईएएस अभय सिंह यादव पर जताया भरोसा
टिकट की बाट जोह रहे पूर्व आईएएस एचसी दिसोदिया को टिकट नहीं मिला है, जबकि हरियाणा सरकार में वरिष्ठ आईएएस आरपी चंद्रा की पत्नी नीलम भगवाड़ियों को भी टिकट से महरूम रहना पड़ा है। इनेलो छोड़कर भाजपा में आए पूर्व आईएएस अधिकारी अभय सिंह यादव नांगल चौधरी से किस्मत आजमाएंगे।