हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में जो कांटे की टक्कर का रोमांचक मुकाबला रहा है वह जींद की उचाना कलां सीट पर देखने को मिला है। उचाना कलां सीट पर भाजपा के प्रत्याशी देवेंद्र चतुरभुज अत्री ने महज 32 वोटों को जीत हासिल की है। खास बात यह है कि इस सीट से पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की करारी हार हुई है।
भाजपा के देवेंद्र चतुरभुज अत्री ने अपने प्रतिद्वंदी बृजेंद्र सिंह को शिकस्त दी है। कांग्रेस के प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं। हालांकि, उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को कांटे की टक्कर दी और महज 32 मतों से चुनाव हार गए। मतगणा के दौरान कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह लगातार लीड बनाए हुए थे। लेकिन अंत में भाजपा के देवेंद्र चतुरभुज अत्री ने जीत हासिल की।
कांग्रेस के गढ़ में भाजपा की जीत
जींद का विधानसभा हलका उचाना कलां कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। कांग्रेस नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह यहां से विधायक रहे हैं। उनके बाद उनकी पत्नी भी यहां से चुनाव जीत चुकी हैं। लेकिन अब बेटा बृजेंद्र सिंह इस सीट पर चुनाव हार गया।
पूर्व उप मुख्यमंत्री चारों खाने चित
उचाना कलां सीट पर भाजपा, कांग्रेस और जजपा के बीच त्रिकोणिय मुकाबला माना जा रहा था। लेकिन जजपा नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को सबसे बड़ा झटका लगा है। दुष्यंत की तो जमानत जब्त हो गई है। उन्हें महज 7920 वोट मिले हैं। उचाना कलां के लोगों ने दुष्यतं चौटाला को पूरी तरह नकारा है।
किसे कितने वोट
उचाना कलां सीट से जीते भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र चतुरभुज अत्री को कुल 48968 वोट मिले। वहीं, बृजेंद्र सिंह को 48936 मत पड़े हैं। तीसरे नंबर पर आजाद प्रत्याशी विजेंद्र घोघरियान 31456, अन्य आजाद प्रत्याशी विकास 13458 वोट और पांचवें नंबर पर रहे दुष्यतं चौटाला को कुल 7950 वोट मिले हैं।
दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया पर उड़ेला दर्द
डिप्टी सीएम रहे दुष्यंत की ऐसी दुर्गति होगी किसी ने नहीं सोचा था। सोशल मीडिया पर उनके कई मिम्स बनाए जा रहे हैं। लोगों का कहा है कि हरियाणा की जनता ने उन्हें आइना दिखाया है। इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द उड़ेला है। उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि सीखने संभलने के 5 साल स्वीकार हैं। हिस्से आया हर संघर्ष स्वीकार, हकों की लड़ाई को सड़क स्वीकार और आपका फैसला बेधड़क स्वीकार।
भाजपा-कांग्रेस समर्थकों के बीच हंगामा
उचाना कलां सीट पर जब मतगणना चल रही थी, तभी भाजपा और कांग्रेस समर्थक आमने-सामने हो गए। यहां मुकाबले कांटे का होने की वजह से समर्थक जोश में आ गए थे। इस दौरान दोनों पार्टियों के समर्थकों में काफी देर तक हंगामा भी होता रहा।