आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल होने के बाद पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह राजनीतिक दलों के निशाने पर आ गए हैं। शिरोमणि अकाली दल ने उनके आप में शामिल होने को इतिहास का काला दिन बताया है। वहीं भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर दागी अधिकारी को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि कैप्टन सरकार ने पूर्व आईजी को बचाकर पंजाब के साथ धोखा किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह एक अच्छे पुलिस अधिकारी न होकर अपनी छवि बनाने के लिए शुरू से ही दूसरों को बदनाम करते रहे हैं। कुंवर ने पहली बार 2007 में डीआईजी फिरोजपुर हरदीप सिंह रंधावा पर आरोप लगाए थे लेकिन आरोप झूठे साबित हुए। बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड मामले का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ प्राप्त करने और झूठी प्रसिद्धि हासिल करने के लिए किया।
कुंवर ने फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार को तलब कर झूठी प्रसिद्धि हासिल करने की कोशिश की। लालपुरा ने कहा कि यह अजीब है कि एक अक्षम पुलिस अधिकारी द्वारा इस रिपोर्ट को तैयार किया गया, जिसे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। वह इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए भी कर रहे हैं।
कैप्टन को हाईकोर्ट की कुंवर प्रताप सिंह संबंधी टिप्पणियों की गहन जांच कर सजा देनी चाहिए थी लेकिन कैप्टन ने सजा से बचाने में भी मदद की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल झूठे वादों और नारों की राजनीति में माहिर हैं। उन्होंने अपनी नीति के अनुसार सही चुनाव किया है।
कुंवर के आप में शामिल होने के सियासी घटनाक्रम को शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब के इतिहास में इसे काला दिवस बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की सत्ता हासिल करने के लिए अरविंद केजरीवाल ने यह सियासी ड्रामा रचा है। कोटकपूरा गोलीकांड की जांच के बाद पूरा पंजाब कुंवर की असलियत को जान चुका था, इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति में आने का फैसला किया, लेकिन पंजाब की जनता उन्हें इसका जवाब जरूर देगी।