शिअद अध्यक्ष व पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा के बीच बुधवार को हुई बैठक के दौरान अकाली नेता पीएस गिल, प्रॉपर्टी टैक्स, एडवांस टैक्स, व्यापार व उद्योग जगत से संबंधित मसलों आदि पर पर विस्तृत चर्चा हुई।
दोनों ही पक्षों का जोर इस बात पर रहा कि सभी संबंधित मसलों का हल आपसी बातचीत व सहमति से हो। गठबंधन में टकराव की स्थिति से बचने पर दोनों नेता एकमत थे।
करीब साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक के दौरान शिअद अध्यक्ष ने, अकाली नेता व पंजाब के पूर्व डीजीपी को कठुआ रैली के अवसर पर भाजपा में शामिल किए जाने पर अपनी एवं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की नाराजगी से कमल को अवगत करवाया।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे के नेताओं को अपने यहां लेने से गुरेज करना चाहिए। सूत्रों के अनुसार कमल ने इस मसले को आलाकमान से संबंधित बताया। वहीं, सुखबीर ने इस पर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से बात करने को कहा।
करों का बोझ कम करने पर सहमति
जानकारों के अनुसार कमल शर्मा ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स व एडवांस टैक्स के मुद्दों पर पुनर्विचार समय की जरूरत है। बेशक प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए रिसोर्स मोबेलाइजेशन जरूरी है, लेकिन यह कार्रवाई इस तरीके से होनी चाहिए कि आम आदमी पर इसका कम से कम बोझ पड़े।
बैठक में प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक माहौल पर भी चर्चा हुई। लोकसभा व हाल ही में हुए विधानसभा उप चुनाव के बाद की परिस्थितियों पर गहन चर्चा के बाद सिस्टम को और जन पक्षीय एवं जवाबदेह बनाने की जरूरत पर सहमति बनी।
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष कमल शर्मा के मुताबिक ‘काफी समय से उप मुख्यमंत्री के साथ भेंट नहीं हुई थी। यह रुटीन बैठक थी। इस दौरान रोजमर्रा के मसलों पर बहुत ही लाइट मूड में बातचीत हुई।’
व्यापारियों व उद्योगपतियों को टैक्सों के संबंध में पेश आ रही समस्याओं के हल के लिए उचित कदम उठाने पर भी दोनों नेता सहमत थे।
समन्वय कमेटी की बैठक आज
अकाली-भाजपा गठबंधन में आपसी तालमेल के लिए गठित समन्वय समिति की बैठक वीरवार को होगी। इस संबंध में प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पार्टी के कमेटी सदस्यों की अध्यक्ष कमल शर्मा से बैठक हुई।
शर्मा-सुखबीर मुलाकात के दौरान भी संबंधित विचार-विमर्श हुआ। कमेटी में भाजपा की तरफ से पूर्व अध्यक्ष प्रो. राजिंदर भंडारी व अश्वनी शर्मा और वरिष्ठ नेता नरोत्तम देव रत्ती, जबकि शिअद के सुखदेव सिंह ढींडसा, बलविंदर सिंह भूंदड़ एवं रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा शामिल हैं।
जानकारों के मुताबिक भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर रेट से अलग करने की बात समन्वय समिति में रखी जाए।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव नतीजों की समीक्षा के लिए बनी टंडन कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में प्रॉपर्टी टैक्स को गठबंधन के असंतोषजनक प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराया था।