उन्होंने कहा कि मतदान से पहले हर दल अपनी रणनीति बनाता है। भाजपा-जजपा सरकार में निर्दलीय भी सहयोगी हैं, उन सबको बैठक में आने का न्योता भेजा गया है। अभी तक जानकारी यही है कि बैठक में मतदान करने के बारे में बताया जाएगा। भाजपा विधायक तो अपने पर्यवेक्षक को वोट दिखाएंगे लेकिन निर्दलीयों का वोट गुप्त होगा। इसके अलावा हलोपा, इनेलो विधायक भी अपना वोट किसी को नहीं दिखाएंगे।
टूट के डर से की गई बाड़ेबंदी
कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा व हाईकमान ने एक सीट जीतने के लिए पूरी ताकत लगाई हुई है। हुड्डा व केंद्रीय नेता अपने-अपने संबंधों के हिसाब से निर्दलीय और जजपा विधायकों से संपर्क साध रहे हैं। सरकार के समर्थन वाला एक भी वोट न टूटे, इसे देखते हुए भाजपा-जजपा और निर्दलीय विधायक दो दिन बाड़ेबंदी में रहेंगे। निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को जीत के लिए तीन से चार विधायक तोड़ने होंगे, अगर वह 30 वोट हासिल करते हैं तो ही जीत सुनिश्चित होगी।
हुड्डा ने विधायकों को अहमद पटेल के चुनाव का किस्सा सुनाया
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने रायपुर पहुंचकर कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की। इस दौरान सीएम भूपेश बघेल और मंत्री शक्ति सिंह साथ रहे। सबने विधायकों के साथ लंच किया। हुड्डा ने चुनाव में जीत पक्की के लिए विधायकों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया और सोनिया-राहुल गांधी का संदेश दिया।
उन्होंने विधायकों को 2017 के गुजरात राज्यसभा चुनाव का किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल उम्मीदवार थे और भाजपा ने जीत के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। पूरी रात सियासी ड्रामा चला। अमित शाह खुद मोर्चा संभाले हुए थे। उन्होंने दो विधायकों को जीत का निशान बनाकर दिखाया था, जिससे कांग्रेस पार्टी को चुनाव आयोग तक पहुंचना पड़ा। रात लगभग दो बजे परिणाम घोषित हुआ था, इसलिए भाजपा की किसी चाल में न फंसें।