केंद्रीय पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि एसवाईएल का मसला पंजाब अब डी एक्विजेशन नहीं कर सकता। पंजाब में राजनीतिक लाभ लेने के लिए ही अकालियों ने इसे छेड़ा है। मगर हरियाणा के हितों के साथ किसी को इस तरह से समझौता नहीं करने देंगे।
झज्जर गुरुकुल के शताब्दी समारोह में शामिल हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि एसवाईएल का 90 फीसदी हिस्सा पहले बना हुआ है और इस समय डी एक्विजेशन का कोई तरीका नहीं बनता। इस मसले पर आज सारे सांसदों व प्रदेश सरकार के साथ गृहमंत्री के सामने मसला रखा है और सर्वदलीय बैठक चंडीगढ़ में हो रही है। हरियाणा के हितों की हर हाल में रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब ने डी एक्विजेशन की जो बात की है वह गलत है।
जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जाट आरक्षण के बाद समाज में आई दरार को पाटने की जरूरत है। यह प्रदेश सहिष्णु है। हरियाणा प्रदेश में कुछ लोगों को यहां की सहिष्णुता नहीं भाई। इसलिए वे हरियाणा के भाईचारे को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मगर यहां का तानाबाना इतना कच्चा नहीं है। हरियाणा का भाईचारा, उसकी मिसाल दुनिया में कहीं नहीं मिलती। यह फिर कायम होगा और प्रदेश आगे बढ़ेगा।
उन्होंने समाज को जोड़ने में गुरुकुल की भी अहम भूमिका बताई। केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए दिए गए बजट को अभूतपूर्व बताया। साथ ही कहा कि विकास के लिए आगे बढें़गे। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए 87 हजार करोड़ का बजट अभूतपूर्व कदम है। मनरेगा से हरियाणा में तेजी से विकास कराएंगे। बाकी राज्य भी केंद्र की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास में 70 फीसदी रोजगार की गारंटी जैसी जैसी योजनाओं से देश आगे बढे़गा तथा रोजगार के अवसर बढेंगे।