कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता, पंजाब से जगमीत सिंह बराड़ और हरियाणा से चौधरी बीरेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने वीरवार सायं यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बारे में केन्द्रीय अनुशासन समिति की सिफारिशें मंजूर कर ली हैं। समिति ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच में पाया कि दोनों जानबूझकर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं जो घोर अनुशासनहीनता है।
पंजाब से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जगमीत बराड़ ने हाल ही में कहा था कि सोनिया और राहुल को कुछ समय से लिए पार्टी गतिविधियों से अलग हो जाना चाहिए और पार्टी की बागडोर किसी अन्य नेता को सौंप देनी चाहिए।
उधर, हरियाणा में सांसद बीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मोर्चा खोलने के साथ ही पिछले महीने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। इससे यह संकेत मिले थे कि बीरेंद्र सिंह पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले हैं।
बीरेंद्र सिंह 18 अगस्त को कैथल में होने वाली रैली में भी अमित शाह के न्यौते पर शामिल होने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं, जहां वह भाजपा में शामिल होने की घोषणा भी कर सकते हैं।
कांग्रेस ने बीरेंद्र सिंह को भाजपा नेता से उनकी मुलाकात की खबरें मीडिया में आने के बाद गत 31 जुलाई को कारण बताओ नोटिस भी दिया था। जबकि जगमीत बराड़ को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष की ओर से नोटिस जारी किया गया था।
इस नोटिस की प्रति पार्टी की अनुशासन समिति को भी भेजी गई थी, जिस पर विचार-विमर्श के बाद अनुशासन कमेटी ने दोनों नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने का फैसला सुना दिया।
माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने दोनों वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कड़ा फैसला लेकर आगामी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं को अनुशासन बनाए रखने का संकेत भी दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।